1000रुपए का देसी जुगाड़ लेकर शाम को पहुंच जाइए खेत पर, 3 महीने तक फसल को मिलेगी सुरक्षा

मोहन ढाकले/बुरहानपुर: मध्यप्रदेश के बुरहानपुर जिले में इन दिनों कड़ाके की ठंड का असर किसानों की फसलों पर साफ नजर आने लगा है. ठंड के मौसम में पाला गिरना, फंगल इंफेक्शन और कीट-बीमारियों का खतरा सबसे ज्यादा रहता है. खासकर जिन किसानों ने सब्जी-भाजी या अनाज की खेती कर रखी है, उनके लिए यह समय बेहद संवेदनशील होता है. लेकिन अच्छी बात यह है कि फसलों को बचाने के लिए महंगी दवाइयों या केमिकल की जरूरत नहीं, बल्कि कुछ आसान देसी उपायों से ही बड़ा नुकसान टाला जा सकता है.

कृषि अधिकारी ने बताए 3 आसान देसी उपाय

कृषि विभाग के एक्सपर्ट अधिकारी विशाल पाटीदार ने किसानों को फसल बचाने के तीन बेहद आसान और सस्ते तरीके बताए हैं. उनका कहना है कि अगर किसान इन उपायों को अपनाते हैं, तो पाले, फंगस और कीटों से फसलों को सुरक्षित रखा जा सकता है.

शाम को आग जलाएं, धुएं से मिलेगा फायदा

विशाल पाटीदार बताते हैं कि शाम के समय खेतों के पास अंगार या आग जलाकर धुआं करना बेहद फायदेमंद होता है. इससे ठंडी हवा का असर कम होता है, कीट-पतंगे मर जाते हैं और फंगल इंफेक्शन फैलने का खतरा भी घट जाता है. इसके लिए बारदान या सूखे कचरे का इस्तेमाल किया जा सकता है, जिससे धुआं ज्यादा देर तक बना रहे.

रस्सी से हटाएं पाला और जमा पानी

अगर फसलों पर पाला या ओस जम गई है, तो किसान एक लंबा रस्सा लेकर दो लोग उसकी मदद से फसलों के ऊपर से धीरे-धीरे फेर सकते हैं. इससे पत्तों पर जमा पानी और पाला नीचे गिर जाता है और फसल को नुकसान नहीं पहुंचता. यह तरीका खासतौर पर सब्जियों के लिए बेहद कारगर माना जाता है.

सिंचाई कम रखें, गलती से भी ज्यादा पानी न दें

कृषि अधिकारी की सलाह है कि ठंड के दिनों में शाम के समय ज्यादा सिंचाई न करें. ज्यादा पानी देने से फंगल इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है. जरूरत के हिसाब से ही हल्की सिंचाई करें.

सिर्फ 1000 रुपये में 3 महीने की सुरक्षा

किसान अगर 100 फीट का रस्सा खरीदते हैं, तो वह 400 से 500 रुपये में मिल जाता है. साथ ही बारदान या जलाने का सामान जोड़ लें, तो कुल खर्च 1000 रुपये के अंदर ही आ जाता है. यह सामान करीब 3 महीने तक फसलों की सुरक्षा करता है और महंगी दवाइयों की जरूरत भी नहीं पड़ती.

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