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इंसान को प्रकृति ने ऐसे अनगिनत पेड़-पौधे दिए हैं, जो देखने में भले ही साधारण प्रतीत होते हों, लेकिन असल में वे संजीवनी के समान होते हैं. जानकारी के अभाव में लोग अक्सर इन्हें झाड़ी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं. ऐसा ही एक बेहतरीन उदाहरण है अपराजिता का फूल, जिससे बनी ब्लू टी कई बीमारियों में रामबाण साबित हो सकती है. आगे जानिए इसके चमत्कारी फायदे…
अपराजिता का फूल कई जगहों पर सहज ही उगा हुआ दिखाई देता है. देखने में यह एक साधारण नीला फूल लगता है, लेकिन जब इसके गुणों की जानकारी होती है तो इसकी पहचान बदल जाती है. इसके अद्भुत लाभ इसे एक प्रभावशाली औषधि का रूप दे देते हैं. खासतौर पर सर्दियों के मौसम में अपराजिता के फूल से बना काढ़ा बेहद लाभकारी और गुणकारी माना जाता है.

बलिया की प्रसिद्ध आयुर्वेदाचार्य डॉ. वंदना तिवारी के अनुसार, अपराजिता का फूल नीले रंग का होता है और इससे तैयार की जाने वाली चाय या काढ़ा भी नीले रंग का ही होता है. इसी वजह से इसे ब्लू टी (Blue Tea) कहा जाता है. वर्तमान समय में ब्लू टी का चलन तेजी से बढ़ रहा है और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक लोग इसे अपनी दिनचर्या में शामिल कर रहे हैं.

अपराजिता के फूल में एंटीऑक्सीडेंट, एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-फंगल और एंटी-डायबिटिक जैसे कई गुण पाए जाते हैं. इसकी चाय पीने से इम्यूनिटी मजबूत होती है और शरीर से विषैले तत्व बाहर निकलने में मदद मिलती है. ठंड के मौसम में होने वाली त्वचा संबंधी समस्याओं में भी इसका काढ़ा काफी लाभकारी माना जाता है.
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अपराजिता की चाय पेट से जुड़ी समस्याओं में राहत देने में सहायक होती है. इसके सेवन से पाचन तंत्र बेहतर होता है और गैस, एसिडिटी व अपच जैसी परेशानियों से निजात मिलती है. मोटापे से परेशान लोगों के लिए भी यह चाय फायदेमंद मानी जाती है, क्योंकि यह मेटाबॉलिज्म को सक्रिय कर वजन नियंत्रित करने में मदद करती है.

अपराजिता का काढ़ा शुगर के मरीजों के लिए भी रामबाण साबित हो सकता है. इसके नियमित सेवन से ब्लड शुगर संतुलित रहता है. अनिद्रा से परेशान लोगों को इससे राहत मिलती है. साथ ही यह चाय मानसिक तनाव कम करने और मन को शांत रखने में भी सहायक होती है.

अपराजिता के फूल से तैयार नीली चाय ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाती है. शरीर में रक्त संचार सही रहने से थकान कम होती है और ऊर्जा बनी रहती है. इसी कारण आयुर्वेद में इस फूल का उपयोग स्वास्थ्यवर्धक और रोगनाशक के रूप में किया जाता है.

नीली चाय यानी ब्लू टी बनाने के लिए एक कप पानी उबालें और उसमें 4 से 5 अपराजिता के फूल डालकर अच्छी तरह उबाल लें. इसके बाद छानकर इसमें शहद मिलाया जा सकता है. इस चाय का सेवन सुबह-शाम किया जा सकता है. इससे सर्दी, खांसी, जुकाम, बुखार, दर्द, सूजन और माइग्रेन जैसी समस्याओं में भी राहत मिल सकती है.