Indore Water case and RO-Water Purifiers: इंदौर के भागीरथपुरा में पानी में घुले बैक्टीरिया ने अभी तक 18 से ज्यादा लोगों की जान ले ली है, जबकि सैकड़ों लोग अभी भी उल्टी, दस्त और ऑर्गन डैमेज की परेशानियों के साथ अस्पतालों में भर्ती हैं. नलों के द्वारा यहां पानी नहीं बल्कि जहर सप्लाई हो रहा था. हालांकि इस घटना के बाद News18hindi में छपी एक रिपोर्ट में बताया गया कि लोग बचाव के लिए अपने गहने तक बेचकर आरओ-फिल्टर खरीद-खरीद कर ला रहे हैं. लेकिन सबसे बड़ा सवाल है कि क्या फिल्टर-वॉटर प्यूरिफायर और आरओ सिस्टम पानी में मौजूद खतरनाक बैक्टीरिया, वायरस और गंदगी को पूरी तरह साफ कर देता है?
एम्स के डॉ. दीपक गुंजन और गंगाराम के डॉक्टर पियूष रंजन…
क्या सच में पानी में मौजूद बैक्टीरिया दूर करते हैं आरओ-वॉटर प्यूरिफायर्स?
डॉ. पीयूष रंजन कहते हैं कि अक्सर ये क्लेम किया जाता है कि आरओ पानी से बैक्टीरिया को हटा देता है लेकिन अभी भी इस दावे को लेकर पुख्ता सबूतों की कमी है. वहीं वायरस के मामले में तो यह दावा और भी कमजोर है. इसके बजाय अगर पानी में संक्रमण का संदेह है तो पानी को उबालकर पीना कहीं ज्यादा सही तरीका है, बजाय आरओ और फिल्टर पर निर्भर रहने के.
वहीं डॉ. दीपक गुंजन बताते हैं कि फिल्ट्रेशन प्रक्रिया से पैथोजन यानि रोगाणु हटाए जा सकते हैं, लेकिन यह इस बात पर निर्भर करता है कि फिल्ट्रेशन का कौन-सा तरीका इस्तेमाल किया गया है. जबकि देखा गया है कि फिल्ट्रेशन के कारण पानी में मौजूद कई लाभकारी खनिज भी हट सकते हैं.
क्या पानी को उबालकर पीना ज्यादा सही है?
उबालकर पानी पीना कितना सुरक्षित है?
डॉ. दीपक बताते हैं कि उबालना पानी को शुद्ध करने का सबसे पुराना और सरल तरीका है, लेकिन इससे पानी का स्वाद बदल जाता है. अगर पानी में गंदगी या तलछट (sediments) हो तो पहले पानी को फिल्टर करना जरूरी होता है. अन्यथा पानी को फिल्टर करने की जरूरत नहीं होती.
वहीं डॉ. पीयूष रंजन कहते हैं कि हाईजीन के लिहाज से पानी को उबालना बेहतर विकल्प है.
कैसे पहचानें पानी दूषित है?
डॉ. पीयूष आगे बताते हैं कि पानी में मौजूद गंदगी को देखकर उसका अंदाजा लगाया जा सकता है. किसी विशेष स्थिति में जब लोग सामान्य पानी के स्त्रोतों से पानी पी रहे हैं और संक्रमण के लक्षण दिखाई दें तो तुरंत पानी को पीना रोक दें.
कैसे पहचानें कि पानी संक्रमित है?
वहीं डॉ. दीपक गुंजन कहते हैं कि आमतौर पर पानी की गंध, दिखावट और स्वाद से उसकी गुणवत्ता का अंदाजा लगाया जा सकता है, लेकिन जन-सुरक्षा के लिए पानी की वितरण प्रणाली की निगरानी जिम्मेदार एजेंसियों द्वारा की जानी चाहिए. पानी में मौजूद कई प्रदूषक साधारण तरीकों से पहचाने नहीं जा सकते, इसलिए उनके लिए पेशेवर और वैज्ञानिक जांच की जरूरत होती है.
क्या कहता है वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन?
डब्ल्यूएचओ के अनुसार नियमित तौर पर अगर आप आरओ का पानी पी रहे हैं तो उसके कई साइड इफैक्ट हो सकते हैं. यह वैज्ञानिक रूप से कन्फर्म है कि आरओ पानी ज्यादा नुकसान पहुंचाता है बजाय उस पानी के जो नल से सीधे आता है. विशेषज्ञ भी मानते हैं कि आरओ पानी में से 90 फीसदी से ज्यादा कैल्शियम और मैग्नीशियम को खत्म कर देता है.