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प्रवासी भारतीय मामले में बांग्लादेश की जेल से लौटी सोनाली खातून ने पश्चिम बंगाल में बेटे को जन्म दिया है. बांग्लादेश की जेल में 6 महीने बिताने के बाद सुप्रीम कोर्ट के दखल पर भारत लाई गई थी. अब सोनाली की मां ने बताया कि उसने अपने बेटे का नामकरण मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा रखे जाने की इच्छा जताई है.
प्रवासी भारतीय मुद्दे में फंसी और बांग्लादेश की जेल में 6 महीने बिताकर लौटी सोनाली खातून ने पश्चिम बंगाल के एक सरकारी अस्पताल में बेटे को जन्म दिया है. सोनाली ने बेटे का नाम ममता बनर्जी के द्वारा रखे जाने की इच्छा जताई है, ऐसे में आज ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक उनसे मिलने जा रहे हैं.
सोनाली को लेकर उनके भाई सूरज ने बताया, ‘हमारे लिए यह किसी चमत्कार से कम नहीं है. सोनाली गर्भावस्था के आखिरी समय में थीं और 100 दिन से ज्यादा जेल में रहीं, फिर भी बच्चा पूरी तरह स्वस्थ पैदा हुआ.’ उसने बताया कि रविवार देर रात सुनाली को पैकर स्थित अपने घर में दर्द शुरू हुआ, जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया. डॉक्टरों ने ऑपरेशन (सी-सेक्शन) से बच्चे को जन्म देने का फैसला किया.
टीओआई में छपी खबर के मुताबिक सुनाली चाहती हैं कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी उनके बेटे का नाम रखें, यह बात उनकी मां ज्योत्सना बीबी ने बताई. सोमवार को ममता बनर्जी गंगासागर के कपिल मुनि मंदिर में थीं. उन्होंने अधिकारियों से सुनाली को अपनी शुभकामनाएं देने और उनकी तरफ से मिठाई भेजने को कहा.
क्या था मामला?
बता दें कि बीरभूम की रहने वाली सोनाली को अवैध प्रवासी बताकर वापस बांग्लादेश भेज दिया गया था लेकिन बांग्लादेश की यूनुस सरकार ने भी उसे बांग्लादेशी नागरिक मानने से इनकार कर दिया और भारतीय नागरिक मान लिया. दोनों देशों की नागरिकता के बीच फंसी सोनाली गर्भवती थी लेकिन इसके बावजूद उसे बांग्लादेश में जेल में रखा गया. तब सोनाली के पिता की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने मानवीय आधार पर सोनाली को भारत में लाने का आदेश दिया था.
26 साल की सुनाली को 6 दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट ने मानवीय आधार पर हस्तक्षेप करते हुए उनके 8 साल के बेटे शबीर के साथ भारत वापस आने का आदेश दिया. हालांकि उनके पति दानिश शेख और तीन अन्य लोग अभी भी बांग्लादेश की जेल में बंद हैं. ये सभी जून से वहां फंसे हुए हैं. वे अपने भारत लौटने के आदेश का इंतजार कर रहे हैं. हालांकि भारत सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में साफ किया कि सोनाली को मानवीय आधार पर भारत लाया गया है लेकिन अभी भी उसे प्रवासी भारतीय ही माना जाएगा.
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अमर उजाला एनसीआर में रिपोर्टिंग से करियर की शुरुआत करने वाली प्रिया गौतम ने हिंदुस्तान दिल्ली में संवाददाता का काम किया. इसके बाद Hindi.News18.com में वरिष्ठ संवाददाता के तौर पर काम कर रही हैं. हेल्थ एंड लाइफस्…और पढ़ें
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