Health tips : मथियोला इंकाना…ये सब्जी भी, संजीवनी भी, कैंसर का खतरा भी करता है कम, तगड़ा मूत्रवर्धक

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Matthiola Incana Benefits : इसका पौधा न केवल रोगों से लड़ने में मदद करता है, बल्कि भोजन के रूप में भी इस्तेमाल किया जाता है. इसकी पत्तियां, बीज और दूसरे हिस्से भी औषधीय गुणों से भरपूर हैं. आयुर्वेद में इसे मूत्रवर्धक माना गया है क्योंकि ये शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालने में मदद करता है. मथियोला इंकाना पेट से जुड़ी समस्याओं में भी फायदेमंद है. कुछ लोग इसे टॉनिक के रूप में भी लेते हैं, क्योंकि इसके सेवन से शरीर को ताकत मिलती है.

बलिया. धरती अनेक संजीवनी समान औषधीय गुणों से भरपूर पौधों से भरी पड़ी है. अगर इन जड़ी-बूटियों का सेवन विशेषज्ञों की सलाह और सही तरीके से किया जाए, तो कई गंभीर बीमारियों से निजात मिल सकती है. ऐसी ही एक खास और दुर्लभ औषधीय पौधा मथियोला इंकाना है, जो अपनी खूबसूरती के साथ-साथ औषधीय गुणों के लिए भी जाना जाता है. यह पौधा न केवल रोगों से लड़ने में मदद करता है, बल्कि भोजन के रूप में भी इस्तेमाल किया जाता है. प्रकृति के की ओर से प्रदान की गई यह औषधि सेहत का खजाना है. राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय नगर बलिया की सात साल अनुभवी (MD और पीएचडी इन मेडिसिन) चिकित्साधिकारी डॉ. प्रियंका सिंह के मुताबिक, मथियोला इंकाना को प्राचीन काल से सब्जी के रूप में भी इस्तेमाल होता आ रहा है.

कफ या बलगम से छुटकारा

मथियोला इंकाना की पत्तियां, बीज और अन्य हिस्से भी औषधीय गुणों से भरपूर होते हैं. आयुर्वेद में इसे मूत्रवर्धक माना गया है, क्योंकि यह शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालने में मददगार होता है. जिन लोगों को कफ या बलगम की समस्या होती है, उनके लिए यह औषधि बेहद लाभकारी होती है. मथियोला इंकाना पेट से जुड़ी समस्याओं में भी फायदेमंद होता है. यह पेट दर्द, अपच और अन्य पाचन संबंधी दिक्कतों में उपयोगी है. कुछ लोग इसे टॉनिक के रूप में भी लेते हैं, क्योंकि इसके सेवन से शरीर को ताकत मिलती है.

ये गलती पड़ेगी भारी

इसमें ऐसे भी तत्व पाए जाते हैं, जो गंभीर रोगों के साथ कैंसर की संभावना को भी कम करने में रामबाण है. मथियोला इंकाना जहरीले जंतुओं जैसे सांप के काटने पर भी एंटीडॉट के रूप में इस्तेमाल कि जाती रही है. एल्कोहल में मिलाकर इसका लेप बनाने से विष के प्रभाव को कम करने में मदद मिलती है. यही वजह है कि यह पौधा आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति में अपना खास स्थान बनाए हुए है. हालांकि, हर औषधि के अपने अलग-अलग साइड इफेक्ट भी होते हैं. इसलिए किसी भी जड़ी-बूटी या औषधीय पौधे का प्रयोग बिना जानकारी या चिकित्सीय सलाह के नहीं करना चाहिए. मथियोला इंकाना जैसी शक्तिशाली औषधि का सही उपयोग केवल आयुर्वेद चिकित्सक की सलाह से ही करें. उम्र, बीमारी और शरीर की स्थिति के अनुसार सही मात्रा आयुर्वेद एक्सपर्ट ही तय कर सकता है.

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Priyanshu Gupta

Priyanshu has more than 10 years of experience in journalism. Before News 18 (Network 18 Group), he had worked with Rajsthan Patrika and Amar Ujala. He has Studied Journalism from Indian Institute of Mass Commu…और पढ़ें

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