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Kidney Test: जब आप डॉक्टर के पास जाते हैं तो कुछ मौकों पर आपको किडनी फंक्शन टेस्ट यानी KFT कराने को कहा जाता है. क्या आप जानते है कि किडनी फंक्शन टेस्ट (KFT) होता क्या है. इससे क्या पता चलता है.
Kidney Function Test: किडनी हमारे शरीर का अत्यंत महत्वपूर्ण अंग है. हमारे शरीर और मांसपेशियों में हजारों तरह के केमिकल वाला कचरा बनता रहता है. किडनी इस कचरे को साफ करती है. यानी यह हमारे शरीर में अपशिष्ट पदार्थ, टॉक्सिन और अतिरिक्त तरल पदार्थ यानी फ्लूड को पेशाब के रास्ते बाहर निकाल देती है. इसके साथ ही यह शरीर में पानी, नमक और मिनिरल्स को बैलेंस करती है और ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करती है. इतना ही नहीं यह खून में मौजूद लाल रक्त कोशिकाओं को बनाने और हड्डियों को हेल्दी बनाने में भी मदद करती है. इन सब काम के लिए किडनी में असंख्य सूक्ष्म छन्नी लगी रहती है जिसे नेफ्रॉन कहते हैं, इन्हीं नेफ्रोन में खून को साफ किया जाता है और उसमें मौजूद कचरे को बाहर निकाल दिया जाता है. अगर खून में किसी तरह का कचरा रह जाता है तो इसका मतलब होता है कि किडनी सही से काम नहीं कर रही है. किडनी फंक्शन टेस्ट में इसी का पता लगाया जाता है कि किडनी कितनी सही से काम कर रही है.
क्या होता है किडनी फंक्शन टेस्ट
क्लीवलैंड क्लीनिक के मुताबिक किडनी फंक्शन टेस्ट मतलब किडनी की काम करने की क्षमता का आकलन. मतलब हमारी किडनी खून और तरल पदार्थों से किस तत्परता के साथ कचरे को साफ करती है, इसकी गणना की जाती है. किडनी में खून और तरल पदार्थों को छानने के लिए किडनी करोड़ों नेफ्रोन होते हैं. इस नेफ्रोन में ग्लोमेरुलाइ होते हैं जो बहुत ही बारीक ब्लड वैसल्स है. यह खून को साफ करने का पहला चरण है. ग्लोमेरुलाइ में खून से वेस्ट केमिकल को निकालकर रीनल टयूबल्स में भेज दिया जाता है. रीनल ट्यूबल्स सूक्ष्म ट्यूब होती है जो इसमें से अतिरिक्त पानी को यूरेथ्रा में भेज देता है और शरीर की आवश्यकताओं के लिए जरूरी पोषक तत्वों को वापस कर देता है. किडनी फंक्शन टेस्ट से यह पता चलता है कि ये ग्लोमेरुलाइ और रीनल ट्यूबल्स अपनी क्षमता के साथ काम करते हैं या नहीं.
किडनी फंक्शन टेस्ट की जरूरत क्यों होती है
किडनी की क्षमता अगर कमजोर होने लगती है तो इसका मतलब है कि आगे आने वाले समय में हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, किडनी की बीमारियां जैसी कई जटिलताओं का अंदेशा है. इसलिए किडनी फंक्शन टेस्ट हर वयस्क को साल में एक बार जरूर करना चाहिए. इसके साथ ही अगर किसी को पेशाब करने में दिकक्त है तो किडनी फंक्शन टेस्ट कराना जरूरी हो जाता है. कुछ शरीर में लक्षण दिखे तो भी किडनी फंक्शन टेस्ट की जरूरत पड़ती है. जैसे पेशाब से खून आना, पेशाब से झाग बनना, पेशाब करते समय दर्द होना, बार-बार पेशाब होना, कम पेशाब होना, शरीर में सूजन होना, बहुत ज्यादा थकान, उल्टी होना, जी मितलाना और भूख में कमी जैसे लक्षण में भी केएफटी टेस्ट कराना जरूरी होता है.
कितने तरह के होते हैं KFT टेस्ट
मुख्य रूप से दो तरह के KFT टेस्ट होते हैं. एक होता ब्लड यूरिया नाइट्रोजन टेस्ट. इसे BUN टेस्ट भी कहते हैं. इसमें नाइट्रोजन की जांच की जाती है. जब आपके शरीर में प्रोटीन जाता है तो यह नाइट्रोजन बनाता है. नाइट्रोजन पेशाब के रास्ते निकल जाता है लेकिन जब नाइट्रोजन खून में ज्यादा हो जाए तो यह खतरे की घंटी है. इसके अलावा किडनी फंक्शन टेस्ट में मुख्य रूप से एस्टीमेटेड जीएफआर निकाला जाता है. इसमें खून का फिल्ट्रेशन रेट निकाला जाता है. तीसरा इसमें क्रिएटिनिन की जांच की जाती है. जब मसल्स के टिशू टूटते हैं तो यह क्रिएटिनिन बनाता है. क्रिएटिनिन मांसपेशियों से निकलने वाला कचरा है. अगर क्रिएटिनिन ज्यादा हो जाए तो यह बेहद टॉक्सिन बन जाता है. अगर यह खून में बढ़ रहा है, तो मतलब किडनी फिल्टर नहीं कर पा रही. इसके अलावा भी कई तरह की जांचें केएफटी में होती हैं.
किसे KFT टेस्ट जरूरी है
डॉक्टरों की राय है कि 25-30 साल के बाद साल में एक बार किडनी फंक्शन टेस्ट जरूर कराना चाहिए. लेकिन डायबिटीज और हाई बीपी वाले मरीजों के लिए यह टेस्ट साल में एक बार नहीं, बल्कि हर 6 महीने में जरूरी है
किडनी फंक्शन टेस्ट में होते हैं इतनी जांच
केमिकल वेस्ट —————————नॉर्मल रेंज
- सोडियम——————————— 135-145 mEq/L
- पोटैशियम——————————– 3.0-5.0 mEq/L
- क्लोराइड———————————90-107 mEq/L
- बायकार्बोनेट——————————20-29 mEq/L
- फॉस्फोरस——————————–2.5-4.5 mg/dL
- कैल्शियम——————————–8.5-10.2 mg/dL
- ग्लूकोज——————————– 70.100 mg/dL फास्टिंग में
- ब्लड यूरिया नाइट्रोजन——————- 7-20 mg/dL
- किएटीनाइन—————————– 06-1.2 mg/dL
- एलब्यूमिन ——————————3.4-5.0 mg/dL
- ईजीएफआर —————————-60 से ज्यादा
- ब्लड यूरिया नाइट्रोजन——————– 6.22
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18 साल से पत्रकारिता जगत का एक विश्वसनीय चेहरा। लक्ष्मी नारायण ने अपने लंबे करियर में डीडी न्यूज, आउटलुक, नई दुनिया, दैनिक जागरण, हिन्दुस्तान जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। समसामयिक के विभिन्…और पढ़ें