मुरैना बच्चों में मोबाइल एडिक्शन इस कदर बढ़ता जा रहा है कि मामूली डांट भी उन्हें आत्मघाती कदम उठाने को उकसाती है। ऐसा ही एक मामला मुरैना में सामने आया।
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जहां 17 वर्षीय 12वीं के छात्र अजय ने मोबाइल छोड़कर पढ़ाई करने की समझाइश मिलने के बाद ट्रेन के सामने कूदकर जान दे दी।
मृतक के भाई सुनील ने बताया कि हाल ही में पिता शिक्षक रामवीर माहौर ने अजय को मोबाइल छोड़कर पढ़ाई पर ध्यान देने की समझाइश दी थी। इसके बाद वह मानसिक रूप से परेशान दिख रहा था। हालांकि परिवार को किसी बड़े तनाव की जानकारी नहीं थी।
12वीं का छात्र अजय शनिवार दोपहर घर से यह कहकर निकला था कि वह प्रैक्टिकल फाइल लेने बाजार जा रहा है। लेकिन शाम तक वापस नहीं लौटा। इधर शनिवार शाम को लालौर फाटक के पास रेलवे ट्रैक पर एक युवक का शव मिला।
भास्कर एक्सपर्ट
पढ़ाई का दबाव और मोबाइल की लत मानसिक संतुलन बिगाड़ सकती है…
किशोर अवस्था में पढ़ाई का दबाव, अपेक्षाएं और मोबाइल जैसी आदतें बच्चों के मानसिक संतुलन प्रभावित कर सकती हैं। इस उम्र में बच्चे भावनात्मक रूप से संवेदनशील होते हैं। अभिभावकों को डांटने के बजाय संवाद बढ़ाना चाहिए। काउंसलिंग से ऐसी घटनाएं रोकी जा सकती हैं। – डॉ अमन किशोर, मनोचिकित्सक
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