नई दिल्ली22 मिनट पहले
- कॉपी लिंक
देश के करोड़ों निवेशकों के लिए साल 2026 की शुरुआत कुछ बदलावों के साथ हो सकती है। केंद्र सरकार जनवरी-मार्च 2026 तिमाही के लिए स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स की ब्याज दरों की समीक्षा करने वाली है।
जानकारों का मानना है कि इस बार पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF), सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) और सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SCSS) जैसी स्कीम्स की ब्याज दरों में कटौती की जा सकती है। वित्त मंत्रालय इस संबंध में 31 दिसंबर 2025 तक आधिकारिक घोषणा कर सकता है।
सरकारी बॉन्ड के यील्ड में गिरावट है मुख्य वजह
स्मॉल सेविंग्स स्कीम की ब्याज दरें तय करने के लिए सरकार ‘श्यामला गोपीनाथ कमेटी’ के फॉर्मूले का इस्तेमाल करती है। इसके तहत इन योजनाओं की दरें सरकारी बॉन्ड (G-Sec) के यील्ड पर आधारित होती हैं। पिछले कुछ महीनों में 10 साल के सरकारी बॉन्ड की यील्ड में गिरावट देखी गई है।
सितंबर से दिसंबर 2025 के बीच यह औसतन 6.54% के करीब रही है। फॉर्मूले के हिसाब से इसमें 0.25% का स्प्रेड जोड़ने पर PPF की दर करीब 6.80% होनी चाहिए, जबकि अभी यह 7.1% मिल रही है। यही अंतर कटौती की संभावना को बढ़ा रहा है।

सरकार ने स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स की ब्याज दरों में आखिरी बार अप्रैल 2024 में बदलाव किए थे।
RBI के रेपो रेट कट का भी दिख रहा असर
2025 के दौरान रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने रेपो रेट में करीब 1.25% तक की कटौती की है। इसके बाद बैंकों ने भी अपनी फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) दरों को कम करना शुरू कर दिया है।
रिटेल महंगाई दर में आई कमी भी सरकार को ब्याज दरें घटाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। आमतौर पर जब बाजार में ब्याज दरें गिरती हैं, तो सरकार भी डाकघर की योजनाओं पर बोझ कम करने के लिए दरों में संशोधन करती है।
मिडिल क्लास और बुजुर्गों पर पड़ेगा असर
देश में बड़ी संख्या में लोग सुरक्षित निवेश के लिए डाकघर की योजनाओं पर निर्भर हैं। खासकर सीनियर सिटीजन अपनी नियमित आय के लिए SCSS (अभी 8.2% ब्याज) का सहारा लेते हैं।
वहीं, बेटियों के भविष्य के लिए सुकन्या समृद्धि योजना (8.2%) सबसे लोकप्रिय है। अगर सरकार ब्याज दरों में कटौती करती है, तो मध्यम वर्गीय परिवारों और पेंशनभोगियों की मासिक कमाई पर सीधा असर पड़ेगा।
फिलहाल किस स्कीम पर कितना ब्याज मिल रहा?
अभी सरकार PPF पर 7.1%, सुकन्या समृद्धि खाते पर 8.2% और सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम पर 8.2% ब्याज दे रही है। नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC) पर 7.7% और किसान विकास पत्र (KVP) पर 7.5% ब्याज मिल रहा है।
पोस्ट ऑफिस की 5 साल की FD पर 7.5% और मंथली इनकम स्कीम (MIS) पर 7.4% ब्याज दिया जा रहा है। सरकार ने आखिरी बार अप्रैल 2024 में दरों में कुछ बदलाव किए थे, तब से ये स्थिर बनी हुई हैं।
एक्सपर्ट बोले- फैसला पूरी तरह सरकार के हाथ में
- फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स का कहना है कि भले ही फॉर्मूला दरें घटाने की ओर इशारा कर रहा है, लेकिन सरकार इसे टाल भी सकती है।
- वित्त मंत्रालय अक्सर छोटे निवेशकों के हितों और सामाजिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए फॉर्मूले से हटकर फैसले लेता है।
- पिछले कई मौकों पर बॉन्ड यील्ड गिरने के बावजूद दरों को नहीं बदला गया था ताकि आम जनता को बचत पर नुकसान न हो।
.