Last Updated:
Khandwa Couple Love Story: यह प्रेम कहानी एक शिक्षक और बैंक मैनेजर की है. पुराने समय की इस प्रेम कहानी की शुरुआत 1988 में हुई.यह कहानी साबित करती है कि सच्चा प्यार अगर संयम और सम्मान के साथ निभाया जाए, तो वह जरूर अपनी मंज़िल तक पहुंचता है.
अजब गजब लव स्टोरी: कहते हैं अगर प्यार सच्चा हो तो वक्त, हालात और समाज की दीवारें भी उसे रोक नहीं पातीं. ऐसी ही एक अनोखी प्रेम कहानी है खंडवा के शिक्षक प्रदीप कुमार दीक्षित और उनकी जीवनसंगिनी साधना दीक्षित की. यह कहानी करीब 30 साल पुरानी है, जो दोस्ती से शुरू होकर प्यार और फिर शादी तक पहुंची, लेकिन इस सफर में दोनों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी.
प्रदीप दीक्षित खंडवा के उत्कृष्ट विद्यालय में शिक्षक हैं और साधना दीक्षित वर्तमान में उज्जैन में बैंक ऑफ इंडिया में ब्रांच मैनेजर हैं. दोनों की मुलाकात साल 1988 में हुई थी. दोस्ती धीरे-धीरे प्यार में बदली, लेकिन सामाजिक बंधन और इंटरकास्ट मैरिज उस दौर में बड़ी चुनौती हुआ करती थी. इसके बावजूद दोनों ने 6 से 7 साल तक अपने रिश्ते को पूरी ईमानदारी और धैर्य के साथ निभाया.
Local 18 से बातचीत में प्रदीप दीक्षित बताते हैं कि शिक्षक होने के कारण उन्होंने कभी भागकर शादी करने का विकल्प नहीं चुना. उनका मानना था कि शिक्षक की एक सामाजिक गरिमा होती है, जिसे बनाए रखना जरूरी है. इसी बीच साल 1994 में उनकी बहन की शादी तय हुई. उसी शादी में साधना भी पूरे समय परिवार के साथ रहीं और सभी जिम्मेदारियां निभाईं. परिवार ने साधना को करीब से जाना और पसंद किया. शादी के बाद बहन की विदाई होते ही पूरे परिवार ने प्रदीप के पिता को समझाया. उसी दिन दोपहर में शादी के कार्ड छपने लगे और दोस्तों ने रातों-रात कार्ड बांट दिए. अगले ही दिन शाम 6 बजे प्रदीप और साधना विवाह बंधन में बंध गए. इस शादी में करीब 500 से 600 रिश्तेदार शामिल हुए. हालांकि शुरुआत में साधना के परिवार ने इस विवाह को स्वीकार नहीं किया, लेकिन एक-दो साल में रिश्ते सामान्य हो गए.
प्रदीप बताते हैं कि उनका प्यार समाज सेवा से जुड़ा रहा. वे रक्तदान और सामाजिक कार्यों में हमेशा आगे रहते थे. उनकी इसी सेवा भावना से साधना प्रभावित हुईं. आज यह दंपति खुशहाल जीवन जी रहा है. इनके दो बच्चे हैं बेटा प्रियांश दीक्षित, जो साइबर इंजीनियरिंग कर रहा है और बेटी प्रयाशी दीक्षित, जो बीएलएलबी की पढ़ाई कर रही है. यह कहानी साबित करती है कि सच्चा प्यार अगर संयम और सम्मान के साथ निभाया जाए, तो वह जरूर अपनी मंज़िल तक पहुंचता है.
About the Author
Shweta Singh, currently working with News18MPCG (Digital), has been crafting impactful stories in digital journalism for more than two years. From hyperlocal issues to politics, crime, astrology, and lifestyle,…और पढ़ें
.