क्या ज्यादा पिज्जा-बर्गर खाने से हो जाती है मौत, जानें क्या कहते हैं डॉक्टर?

Can Pizza And Burgers Be Life Threatening: उत्तर प्रदेश के अमरोहा से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया, जहां 16 साल की एक लड़की की मौत को फास्ट-फूड से जोड़कर देखा गया. कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि उसकी मौत की वजह पिज्जा और बर्गर का सेवन था. हालांकि, कई डॉक्टरों ने इस दावे को चुनौती दी और इंटेस्टाइनल परफोरेशन से जुड़ी चिकित्सीय सच्चाइयों को स्पष्ट करने के लिए आगे आकर बयान दिया. आइए जानते हैं कि क्या वाकई पिज्जा और बर्गर खाने से किसी की मौत हो सकती है और इस मामले पर डॉक्टरों का क्या कहना है?

क्या सच में पिज्जा और बर्गर खाने से हो सकती है मौत?

डॉक्टर राहुल चावला (कंसल्टेंट, IBS हॉस्पिटल, लाजपत नगर) ने 16 साल की उस लड़की की मौत के पीछे पिज्जा और बर्गर की थ्योरी को चुनौती दी और बताया कि असल वजह क्या हो सकती है. दरअसल, लड़की की मौत के बाद कई रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया कि जंक फूड, जिसमें चाउमीन, बर्गर और मैगी शामिल थे, उसकी मौत की वजह बने. यह थ्योरी तेजी से फैल गई. रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया कि उसे कई महीनों से पेट दर्द की शिकायत थी. जब दिल्ली एम्स में इलाज के बावजूद छात्रा की मौत हो गई, तो लोगों ने इन रिपोर्ट्स पर विश्वास कर लिया और इस मुद्दे पर बहस शुरू हो गई. हालांकि, 25 दिसंबर को किए गए एक इंस्टाग्राम पोस्ट में डॉ. चावला ने इस पूरे मामले पर अपनी बात रखी.

क्या कहा डॉक्टर ने?

अपने वीडियो में डॉ. चावला ने बताया कि अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड हमारे मेटाबॉलिज्म पर लंबे समय तक असर डालते हैं, लेकिन उनका असर इस तरह अचानक देखने को नहीं मिलता. उन्होंने कहा कि “एम्स में 16 साल की बच्ची का निधन फास्ट-फूड को लेकर एक गंभीर चेतावनी जरूर है. पिज्जा और पास्ता आपके डाइजेशन सिस्टम को लंबे समय तक प्रभावित कर सकते हैं. अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड मेटाबॉलिक हेल्थ के लिए नुकसानदायक हैं और पाचन से जुड़ी कई समस्याएं पैदा कर सकते हैं, लेकिन इससे अचानक इस तरह आंतों में छेद होने की समस्या नहीं होती.”

 

ये हो सकते हैं कारण

डॉ. चावला के अनुसार, ऐसे मामलों में मेडिकल कारण आमतौर पर काफी जटिल होते हैं और कई बार तत्काल सर्जरी की भी जरूरत पड़ती है. उनके मुताबिक, इसके पीछे तीन मुख्य कारण हो सकते हैं,

टाइफॉयड या टीबी- ये इस क्षेत्र में पाई जाने वाली आम बीमारियां हैं. अगर समय पर इलाज न हो, तो आंतों में घाव बन सकते हैं, जो आगे चलकर आंत में छेद का कारण बन जाते हैं.

मेसेंटेरिक इस्कीमिया- यह ऐसी स्थिति है जिसमें आंतों तक खून की सप्लाई कम या बंद हो जाती है. इससे आंतों का टिश्यू खराब होने लगता है और सड़ने की नौबत आ सकती है.

अनदेखी दिक्कतें- लंबे समय तक रहने वाला पेट दर्द अक्सर किसी पुरानी अंदरूनी बीमारी की ओर इशारा करता है, न कि किसी एक बार के खाने से हुई समस्या की ओर.

डॉ. चावला ने बताया कि “ज्यादातर मामलों में लड़की को टाइफॉयड या टीबी रही होगी, जिसकी वजह से आंत में छेद हुआ. एक कारण मेसेंटेरिक इस्कीमिया भी हो सकता है, यानी आंतों तक खून की सप्लाई बंद हो जाना, जिससे आंतें खराब होने लगती हैं. इन सभी स्थितियों में तुरंत ऑपरेशन जरूरी होता है और कुछ दुर्लभ मामलों में यह जानलेवा भी साबित हो सकता है. अगर पेट की टीबी या टाइफॉयड गंभीर रूप ले ले, तो इलाज बेहद जरूरी है. समय पर इलाज न मिलने पर कई तरह की जटिलताएं हो सकती हैं, जिनमें आंत में छेद होना भी शामिल है.”

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Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

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