न्यू ईयर ट्रिप टू कान्हा! कैसे पहुंचें, क्या करें और किन बातों से बचें, निकलने से पहले जान लें जरूरी जानकारी

Kanha National Park For Winter Holiday: नए साल का मौका है और विंटर हॉलिडे भी शुरु होने वाला है. ऐसे में आप भी लंबा विकेंड प्लान कर रहे होंगे. ज्यादातर लोग शहर की भागदौड़ की जिंदगी से रेस्ट लेने के लिए एक शांति वाली जगह पर जाना पसंद करते हैं. ऐसे में नेशनल पार्क से अच्छी क्या ही जगह होगी. ऐसे में अगर आप भी प्रकृति का स्पर्श चाहते हैं, तो बालाघाट और मंडला में स्थित कान्हा नेशनल पार्क आपके लिए बेहतर जगह है. ऐसे में हम आपको बताएंगे कि कान्हा नेशनल पार्क क्यों खास है और यहां पर कैसे पहुंच सकते हैं. सारी जानकारी लोकल 18 की खास रिपोर्ट में पढ़ सकते हैं.

कान्हा नेशनल पार्क कहां है इसमें क्या है
मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा और जैव विविधता वाला नेशनल पार्क बालाघाट और मंडला जिले में स्थित है. यह अक्टूबर से लेकर जून तक खुला रहता है. यहां जनवरी-फरवरी में देश ही नहीं बल्कि विदेशों से भी पर्यटक आते हैं. इस नेशनल पार्क की स्थापना 1955 में हुई थी और साल 1973 में टाइगर रिजर्व घोषित किया गया. यहां पर तीन गेट है मूक्की गेट, खटिया गेट और सरही गेट है.

कान्हा नेशनल पार्क में क्या देखने को मिलेगा
अगर आप कान्हा नेशनल पार्क घूमने आते हैं, तो आपको यहां के घने जंगल, साल के ऊंचे पेड़ और तरह-तरह की दुर्लभ वनस्पतियां तो देखने को मिलेगी ही. लेकिन साथ दुर्लभ वन्य प्राणी भी देखने को मिलेंगे. यहां पर 300 से ज्यादा पक्षियों की प्रजातियां है. कान्हा नेशनल पार्क में कई तरह के वन्य प्राणियों का दीदार किया जा सकता है. यहां पर आप सुस्त भालू, बायसन, पैंगोलिन, लोमड़ी, जैकाल सहित कई दुर्लभ जीवों का घर कान्हा नेशनल पार्क है. इतना ही नहीं यहां पर आपको कई ऐसे पक्षी दिखेंगे, जो आपको कभी नहीं देखे होंगे.

बाघ के अलावा कान्हा का गहना कहे जाने वाले बारह सिंगा देखने को मिलते हैं, जो पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं. इसके अलावा ढेर सारे वन्य प्राणियों के दीदार भी होते हैं.

कैसे पहुंचे कान्हा नेशनल पार्क
अगर आप नए साल पर कान्हा नेशनल पार्क आना चाहते हैं, तो एयरपोर्ट के लिहाज से आप नागपुर और जबलपुर तक आ सकते हैं फिर आपको सड़क से सफर तय करना पड़ेगा. वहीं, ट्रेन के लिए आप बालाघाट और मंडला जंक्शन तक आ सकते हैं. फिर आपको सड़क मार्ग से सफर तय करना होगा.

सफारी कब मिलेगी और कैसे बुक करें
कान्हा नेशनल पार्क में घूमने के लिए प्रबंधन ने दो समय तय किए है. एक ही सुबह सूर्योदय के साथ 11 बजे तक फिर शाम के समय तीन बजे से लिए सूरज ढलने तक आप सफारी का आनंद ले सकते हैं. इसमें आप तत्काल पहुंचकर भी सफारी बुक कर सकते हैं. वहीं, ऑनलाइन के लिए MP Online Forest Permit पोर्टल की मदद से बुक कर सकते हैं.

कान्हा नेशनल पार्क में रुकने की क्या सुविधा है
कान्हा नेशनल पार्क में रुकने के लिए कई रिसॉर्ट और होटल है, जहां पर 2000 रुपए पर डे से लेकर अपनी सुविधा के हिसाब से रुकने की व्यवस्था कर सकते हैं.

कान्हा नेशनल पार्क क्या न करें
अगर आप किसी भी नेशनल पार्क में सफारी के लिए जाते हैं, तो आपको बहुत सी बातों का ध्यान रखना पड़ता है. इसमें कुछ बुनियादी बातें हैं. इसमें जानवरों को छूना या किसी भी तरह से परेशान करना आपको भारी पड़ सकता है. इससे जानवर डर जाते हैं या चौंक जाते हैं. ऐसे में जीव अन्य लोगों पर आक्रमण कर सकते हैं. अगर आप इस तरह की गलती करते हैं, तो आप पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है और यहां तक कि आपको जेल भी जाना पड़ सकता है.

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