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IAS रामप्रकाश अहिरवार वर्तमान में जबलपुर नगर निगम में बतौर कमिश्नर पदस्थ हैं. उन्हें स्विमिंग पसंद है. टेबल टेनिस खेलना भी अच्छा लगता है. वह किताब पढ़ने के भी शौकीन हैं.
जबलपुर नगर निगम के कमिश्नर IAS रामप्रकाश अहिरवार की सक्सेस स्टोरी किसी फिल्म से कम नहीं है. उनका 10वीं क्लास का पेपर बिगड़ जाता है, तो वह काफी निराश होते हैं लेकिन पिता जब कंधे पर हाथ रखते हैं, तब एक नई शुरुआत होती है.

IAS रामप्रकाश अहिरवार की स्कूली शिक्षा टीकमगढ़ में पूरी हुई. जिसके बाद उन्होंने इलेक्ट्रिकल में इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और डिग्री भी हासिल की. डिग्री हाथ में आने के बाद अचानक समाज सेवा का भाव मन में जाग गया. फिर क्या था, निकल पड़े सिविल सर्विसेज की ओर.

जबलपुर नगर निगम कमिश्नर ने इंजीनियरिंग की राह छोड़ी और फिर एमपीपीएससी की परीक्षा दी. जहां उन्होंने पहले ही अटेंप्ट में परीक्षा पास कर ली. उनका चयन डिप्टी कलेक्टर पद पर हुआ. वह वर्तमान में जबलपुर नगर निगम के कमिश्नर के रूप में पदस्थ हैं.
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नगर निगम कमिश्नर बताते हैं कि जीवन में पिता का एक पल काफी याद आता है. जब स्कूल में पढ़ा करते थे और बारिश होती थी, तब पिता घर से 9 किलोमीटर दूर साइकिल से आते थे. जीवन में पिता का संघर्ष देखा है, जो हमेशा याद आता है.

फिटनेस को लेकर उन्होंने कहा कि वह सुबह और शाम वॉक करते हैं क्योंकि फिटनेस का यह सबसे अच्छा जरिया है. वह संतुलित खानपान पर भी ध्यान देते हैं. उन्हें स्विमिंग का काफी शौक है. टेबल टेनिस खेलना पसंद है. किताबें पढ़ना भी पसंद है.

युवा पीढ़ी को संदेश देते हुए IAS रामप्रकाश अहिरवार ने कहा कि जीवन में माता-पिता का योगदान हमेशा याद रखना चाहिए. माता-पिता के संस्कारों से ही बच्चे आगे बढ़ते हैं. परिवार को समय जरूर देना चाहिए, जिससे घर का वातावरण अच्छा बना रहता है.

प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स को लेकर उन्होंने कहा कि बच्चों को पहले अपनी क्षमता को पहचानना होगा. आत्मचिंतन करना होगा. अंतरात्मा की आवाज सुनने के बाद ही लक्ष्य का निर्धारण करना चाहिए और तब तक मेहनत करते रहनी चाहिए, जब तक लक्ष्य हासिल न हो.
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