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Organic Food Business Success Story: कोविड के बाद बदले आर्थिक माहौल में जब युवा नौकरी की तलाश में भटक रहे थे उसी दौर में सतना जिले के जैतवारा के एक युवक ने आत्मनिर्भरता की अलग मिसाल पेश की. आर्गेनिक फूड की बढ़ती मांग को अवसर बनाकर इस स्टार्टअप ने न सिर्फ भरोसेमंद उत्पाद दिए बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार भी पैदा किया.
शिवांक द्विवेदी, सतना: नौकरी को ही सफलता का एकमात्र रास्ता मानने वाली सोच को चुनौती देते हुए सतना जिले के जैतवारा निवासी एक युवा ने यह साबित कर दिया कि अगर सोच साफ हो और मेहनत निरंतर हो तो सीमित संसाधन भी बड़ा मुकाम दिला सकते हैं. नौकरी करने वाला नौकर और व्यापार करने वाला मालिक होता है, इस सोच के साथ शुरू किया गया यह सफर आज एक प्रेरक उद्यमिता की कहानी बन चुका है. कोविड के दौरान कठिन परिस्थिति में शुरू हुआ यह प्रयास आज ऑर्गेनिक फूड प्रोसेसिंग के क्षेत्र में सम्मानजनक पहचान बना चुका है.
आपदा में ढूंढा अवसर
लोकल 18 से बातचीत में जैतवारा निवासी चिरंजीव तिवारी ने बताया कि कोविड महामारी के दौरान उन्होंने यह महसूस किया कि बाजार में मिलने वाली अधिकांश खाद्य वस्तुएं मिलावटी हैं जिसका सीधा असर लोगों की सेहत पर पड़ रहा है. इसी सोच ने उन्हें ऑर्गेनिक फूड के क्षेत्र में कुछ अलग करने के लिए प्रेरित किया. उस वक्त संसाधन सीमित थे लेकिन इरादे मजबूत. उन्होंने ढाई लाख रुपये की एक छोटी सी मशीन से सरसों तेल निकालने का काम शुरू किया और खुद पैकेजिंग कर बिक्री की शुरुआत की.
शुरुआत में पैसों की कमी के कारण व्यापार का दायरा छोटा था लेकिन सीखने और आगे बढ़ने की चाह कभी कम नहीं हुई. बाजार और लोगों से लगातार फीडबैक लिया गया विशेषज्ञों से सलाह मिली और धीरे-धीरे व्यापार को व्यवस्थित रूप दिया गया. इसी क्रम में उन्होंने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) के तहत लोन के लिए आवेदन किया और वहाँ से सरकारी योजना का लाभ मिला. इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्व-रोजगार को बढ़ावा देना और सूक्ष्म उद्यमों की स्थापना के जरिए रोजगार पैदा करना है. इसके तहत परियोजना लागत पर 15 से 35 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जाती है और शेष राशि बैंक ऋण के रूप में मिलती है.
छोटे से हुई शुरुआत पहुंची बड़े तक
चिरंजीव बताते हैं कि वर्ष 2023 से उनके व्यापार ने वास्तविक गति पकड़ी. महज तीन लाख के शुरुआती निवेश से शुरू हुई छोटी सी तेल प्रोसेसिंग यूनिट आज एक मल्टी-प्रोडक्ट ऑर्गेनिक फूड प्रोसेसिंग यूनिट में बदल चुकी है. वर्तमान में वे ऑर्गेनिक तेल, आटा, मिलेट्स, पापड़, गुड और अन्य खाद्य उत्पादों का प्रोसेसिंग और खुद की पैकिंग के साथ बिक्री कर रहे हैं. विंध्य विहान नाम से शुरू किया गया यह स्टार्टअप अब स्थानीय बाजार में भरोसे का नाम बन चुका है.
आज यह व्यापार 15 लाख रुपये से अधिक के टर्नओवर तक पहुंच चुका है और करीब आठ लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार दे रहा है. यह कहानी सिर्फ एक व्यक्ति की सफलता नहीं बल्कि उन युवाओं के लिए संदेश है जो नौकरी के अलावा स्वरोजगार को लेकर असमंजस में रहते हैं. सही योजना, सरकारी सहयोग और निरंतर मेहनत से सीमित पूंजी में भी बड़ा सपना साकार किया जा सकता है.
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Shweta Singh, currently working with News18MPCG (Digital), has been crafting impactful stories in digital journalism for more than two years. From hyperlocal issues to politics, crime, astrology, and lifestyle,…और पढ़ें
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