कागजों में मृत घोषित किसान पहुंचा कटनी कलेक्ट्रेट: बोला- ‘साहब, मैं जिंदा हूं, धान पंजीयन दादा के नाम पर था, इसलिए पोर्टल में मृत दिखा रहा – Katni News

कटनी जिले में मंगलवार को अजीबोगरीब मामला सामने आया। रीठी तहसील के गुरजीकला गांव के रहने वाले किसान रामभरण विश्वकर्मा कलेक्टर के सामने पेश हुए और दावा किया कि सरकारी रिकॉर्ड में उन्हें ‘मृत’ घोषित कर दिया गया है।

.

किसान ने भावुक होकर यहां तक कह दिया, “साहब, मैं जीवित हूं, कहिए तो मरकर दिखाऊं?” इस घटना का वीडियो भी साम ने आया है।

जांच में खुला राज: खुद नहीं, दादा जी थे मृत

कलेक्टर आशीष तिवारी ने तुरंत जांच के आदेश दिए। हालांकि, जांच रिपोर्ट सामने आते ही मामला पूरी तरह पलट गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि रामभरण विश्वकर्मा को व्यक्तिगत रूप से मृत घोषित नहीं किया गया है।

दरअसल, किसान ने 250 क्विंटल धान बेचने के लिए जो पंजीयन कराया था, वह उनके दादा रामनाथ बढ़ई के नाम पर था। रिकॉर्ड के अनुसार, उनके दादा जी की मृत्यु हो चुकी है, इसीलिए पोर्टल पर उन्हें ‘मृत’ दिखाया जा रहा था और पंजीयन स्वीकार नहीं हुआ।

कलेक्टर का आश्वासन: दोषियों पर होगी कार्रवाई

कलेक्टर आशीष तिवारी का कहना है कि किसानों की समस्याओं को गंभीरता से लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि “मृत” घोषित करने वाले दावे और पंजीयन असत्यापित होने के मामलों की जांच कराई जा रही है। अगर किसी कर्मचारी की लापरवाही सामने आई, तो उस पर सख्त कार्रवाई होगी। प्रशासन का लक्ष्य है कि किसी भी असली और पात्र किसान को अपनी फसल बेचने में परेशानी न हो।

खरीदी केंद्रों पर बढ़ रही किसानों की बेचैनी

कलेक्ट्रेट पहुंचे अन्य किसानों ने भी अपनी समस्याएं बताईं। किरहाई पिपरिया के सेवाराम और रामजी कोल जैसे किसानों का कहना है कि बिना किसी कारण के उनका सैकड़ों क्विंटल धान का रकबा ‘असत्यापित’ कर दिया गया है। किसानों की मांग है कि अगर पंजीयन में कोई तकनीकी गलती है, तो उसे सुधारने का मौका दिया जाए, ताकि उनकी मेहनत की फसल बर्बाद न हो।

कटनी में धान खरीदी के ताजा आंकड़े

जिले में धान खरीदी की रफ्तार अभी भी लक्ष्य से काफी पीछे है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है:

  • कुल केंद्र: 89
  • पंजीकृत किसान: 62,588 (अब तक केवल 23,592 किसानों से खरीदी हुई)
  • खरीदी का लक्ष्य: 4.75 लाख मैट्रिक टन (अब तक करीब 2 लाख टन खरीदी)
  • बकाया भुगतान: कुल 478 करोड़ में से करीब 214.94 करोड़ रुपए का भुगतान अभी भी बकाया है।
Share me..

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *