सतना: बारहवीं बोर्ड परीक्षा की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है. जैसे जैसे परीक्षा की तारीख नजदीक आ रही है वैसे-वैसे छात्रों की चिंता भी बढ़ती जा रही है. खासतौर पर बायोलॉजी जैसे विषय को लेकर छात्र ज्यादा दबाव महसूस कर रहे हैं. क्योंकि इसमें थ्योरी के साथ साथ डायग्राम, फ्लो-चार्ट और प्रैक्टिकल समझ का बड़ा रोल होता है. 23 फरवरी को बायोलॉजी का पेपर है और अब समय बेहद सीमित है. ऐसे में सही कंटेंट का चुनाव और आखिरी महीने की सटीक रणनीति छात्रों के लिए निर्णायक साबित हो सकती है.
डायग्राम और फ्लो-चार्ट से बनाएं पकड़ मजबूत
लोकल 18 से बातचीत में वेंकट क्रमांक 1 के उच्च माध्यमिक शिक्षक उमाशंकर विश्वकर्मा ने बताया कि परीक्षा नजदीक आते ही कई छात्र घबराहट में आ जाते हैं और पढ़ाई का सही शेड्यूल नहीं बना पाते. उनका कहना है कि तनाव लेने से बेहतर है कि समय को सही तरीके से बांटा जाए. बायोलॉजी की तैयारी को प्रतिशत के हिसाब से प्लान करें इसमें करीब 30 फीसदी समय थ्योरी पढ़ने के लिए और 70 फीसदी समय प्रैक्टिस के लिए रखें.
शिक्षक ने कहा कि बायोलॉजी एक डायग्राम बेस्ड विषय है. कई सवाल ऐसे होते हैं जिनमें केवल शब्दों से नहीं बल्कि सही डायग्राम, फ्लो-चार्ट या रिप्रेजेंटेशन से ही पूरे अंक मिलते हैं. इसलिए छोटे छोटे नोट्स बनाएं और उन्हें फ्लो डायग्राम के साथ तैयार करें. यह तरीका न सिर्फ याद रखने में मदद करता है बल्कि उत्तर लिखते समय भी आत्मविश्वास बढ़ाता है.
NCERT पर करें फोकस
शिक्षक ने साफ कहा कि छात्रों को सबसे ज्यादा फोकस एनसीईआरटी की किताब पर करना चाहिए. बोर्ड परीक्षा में अधिकतर प्रश्न सीधे एनसीईआरटी से ही पूछे जाते हैं. ऑब्जेक्टिव, मैच द कॉलम्स, फिल इन द ब्लैंक्स और ट्रू-फॉल्स जैसे सवालों की तैयारी भी एनसीआरटी के आधार पर ही करें. अतिरिक्त किताबों में उलझने के बजाय मूल पाठ्यपुस्तक को बार बार पढ़ना ज्यादा फायदेमंद होगा.
बायोलॉजी के पेपर में कुछ अध्याय ऐसे हैं जिनसे हर साल अच्छे खासे सवाल पूछे जाते हैं. इनमें सेक्सुअल रिप्रोडक्शन, सेक्सुअल रिप्रोडक्शन इन फ्लावरिंग प्लांट्स, ह्यूमन हेल्थ, मॉलिक्यूलर बेसिस ऑफ इन्हेरिटेंस, बायोटेक्नोलॉजी और इकोसिस्टम प्रमुख हैं. इन टॉपिक्स का रिवीजन अच्छे से करें और संभावित प्रश्नों की प्रैक्टिस जरूर करें.
कम से कम तीन बार करें रिवीजन
आखिरी समय में मोबाइल फोन छात्रों का सबसे बड़ा समय-चोर बन सकता है. इसलिए परीक्षा तक मोबाइल से दूरी बनाना ही बेहतर है. साथ ही सुबह जल्दी उठकर हल्की एक्सरसाइज करें, हल्का और हेल्दी भोजन लें और पूरी नींद जरूर लें. शिक्षक ने खासतौर पर सलाह दी कि परीक्षा के एक दिन पहले देर रात तक पढ़ाई करने के बजाय अच्छी नींद लेना ज्यादा फायदेमंद होता है.
पेपर हल करते समय सबसे पहले उन सवालों को पूरा करें जो आपको अच्छे से आते हैं. इसके बाद कठिन सवालों पर जाएं. ऑब्जेक्टिव प्रश्नों को कभी भी अंत के लिए न छोड़ें क्योंकि कई बार समय खत्म हो जाता है और छात्र आसान अंक गंवा देते हैं. साल भर में तीन बार रिवीजन आदर्श माना जाता है लेकिन अगर यह संभव न हो तो आखिरी महीने का एक क्विक रिवीजन भी अच्छे अंक दिलाने में अहम भूमिका निभा सकता है.
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