मैच खेलने मैदान में उतरे यशस्वी जायसवाल, बीच में ही ले जाना पड़ा हॉस्पिटल, निकली यह बीमारी, जानिए यह कितनी खतरनाक

Yashasvi Jaiswal Hospitalized: युवा भारतीय बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं. हर बार की तरह इस बार भी राजस्थान रॉयल्स ने उन्हें 18 करोड़ रुपये में खरीदा है. जासवाल 16 दिसंबर यानी मंगलवार को पुणे में सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में मुंबई की तरफ से राजस्थान के खिलाफ खेल रहे थे. इसी दौरान उनके पेट में तेज ऐंठन शुरू हो गया. इसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया. टीओआई की एक रिपोर्ट के अनुसार, जायसवाल को एक्यूट गैस्ट्रोएंटेराइटिस के कारण आदित्य बिरला अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा. अस्पताल में उनका अल्ट्रासाउंड और सीटी स्कैन हुआ और उन्हें उचित मेडिकल ट्रीटमेंट मिला. अब सवाल है कि आखिर एक्यूट गैस्ट्रोएंटेराइटिस क्या है? कितनी गंभीर है यह बीमारी? गैस्ट्रोएंटेराइटिस के लक्षण क्या हैं? आइए जानते हैं बीमारी के बारे में-

गैस्ट्रोएंटेराइटिस क्या है?

क्लीवलैंड क्लीनिक की रिपोर्ट के मुताबिक, गैस्ट्रोएंटेराइटिस एक सामान्य संक्रामक रोग सिंड्रोम है, जिससे मतली, उल्टी, दस्त और पेट दर्द का संयोजन होता है. यह वायरस, बैक्टीरिया या परजीवियों के कारण होता है. इस स्थिति में पेट में दर्द, ऐंठन, मतली, उल्टी और पानी जैसे दस्त (डायरिया) होते हैं. इसको “पेट फ्लू” भी कहते हैं और यह दूषित भोजन/पानी या संक्रमित व्यक्ति के संपर्क से फैलता है. वैसे तो यह आमतौर पर कुछ दिनों में ठीक हो जाता है, लेकिन अगर परेशानी बढ़े तो डॉक्टर की सलाह जरूरी है.

गैस्ट्रोएंटेराइटिस के लक्षण?

रिपोर्ट के मुताबिक, गैस्ट्रोएंटेराइटिस यानी पेट और आंतों का संक्रमण के कई लक्षण हैं. अगर इसके मुख्य लक्षणों की बात करें तो दस्त (पानी जैसे मल), मतली, उल्टी, पेट में ऐंठन और दर्द और कभी-कभी बुखार, ठंड लगना या फिर शरीर में दर्द होना. बता दें कि, ऐसा अक्सर वायरस या बैक्टीरिया के कारण होता है. सामान्यता यह कुछ दिनों में ठीक हो जाता है, लेकिन डिहाइड्रेशन से बचने के लिए तरल पदार्थ देना बेहद जरूरी है.

गैस्ट्रोएंटेराइटिस से कैसे करें बचाव?

पेट की सेहत से जुड़ी गैस्ट्रोएंटेराइटिस बहुत ही गंभीर बीमारी है. इसकी अनदेखी जीवन में भारी पड़ सकती है. इससे बचने के लिए सबसे ज़रूरी है कि स्वच्छता का ध्यान रखें. इसके लिए साबुन और पानी से बार-बार हाथ धोएं. खासकर खाने से पहले और शौचालय के बाद. इसके अलावा, हेल्दी भोजन और पानी यानी जिसमें ठीक से पका हुआ भोजन और उबला/फिल्टर किया पानी पीएं. ध्यान रखें कि, बीमार लोगों से दूरी बनाए रखें और बच्चों को रोटावायरस का टीका लगवाना बेहद महत्वपूर्ण है.

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