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Piliya Ka Ilaj: गर्मी और मानसून में पीलिया का खतरा बढ़ जाता है, जो लीवर को नुकसान पहुंचा सकता है. आयुर्वेदिक डॉक्टर हर्ष ने देसी नुस्खों से पीलिया के इलाज की जानकारी दी, जैसे भूमि आंवला और गन्ने का रस.
हाइलाइट्स
- पीलिया लीवर की खराबी का संकेत है.
- भूमि आंवला और गन्ने का रस पीलिया में फायदेमंद हैं.
- पीलिया के मरीज के लिए परहेज भी जरूरी है.
पीलिया खुद में कोई बीमारी नहीं है बल्कि यह लीवर की खराबी का संकेत होता है. आमतौर पर हेपेटाइटिस ए और ई वायरस के कारण पीलिया होता है, जो दूषित पानी और खाने से फैलता है. खासतौर पर गर्मियों और बरसात के मौसम में इसके मामले तेजी से बढ़ते हैं. लोग इलाज के लिए डॉक्टर के पास जाते हैं लेकिन आयुर्वेद में इसके लिए कुछ देसी नुस्खे भी बताए गए हैं, जिनसे पीलिया की शुरुआती अवस्था में काफी आराम मिल सकता है. इस बारे में पूरी जानकारी आयुर्वेदिक डॉक्टर हर्ष ने लोकल 18 से बातचीत के दौरान दी. उन्होंने यह भी बताया कि कैसे इन देसी नुस्खों की मदद से पीलिया को दो से तीन दिन में ठीक किया जा सकता है.
आयास आयुर्वेदिक चिकित्सालय से बी.ए.एम.एस और एम.डी कर चुके डॉक्टर हर्ष बताते हैं कि पीलिया को समझने के लिए इसके लक्षणों को जानना बहुत जरूरी है. जब आंखों, पेशाब और नाखूनों का रंग पीला होने लगे तो यह पीलिया का संकेत होता है. एलोपैथी में इसे जॉन्डिस कहा जाता है जबकि आयुर्वेद में इसे कामला कहा जाता है.
कामला भी कई प्रकार का होता है और उसके अनुसार ही उसका इलाज किया जाता है. डॉक्टर हर्ष बताते हैं कि अगर पीलिया की हालत हल्की है या शुरुआत में है तो देसी नुस्खों से इसे ठीक किया जा सकता है. लेकिन अगर पीलिया गंभीर हो जाए या काला पीलिया बन जाए तो तुरंत डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए. कुछ लोग पीलिया में मंत्र चिकित्सा का सहारा भी लेते हैं. यह भी आयुर्वेद का ही एक हिस्सा है और कई बार इससे लाभ भी होता देखा गया है.
पीलिया के इलाज में भूमि आंवला बहुत उपयोगी औषधि है. इसका रस निकालकर मरीज को देने से काफी राहत मिलती है. इसके अलावा कालमेघ, पुनर्नवा और कुटकी का भी उपयोग किया जा सकता है.
पीलिया में करें यह परहेज
पीलिया होने पर सबसे जरूरी है पूरा आराम करना. धूप पीलिया के मरीज के लिए नुकसानदेह होती है, इसलिए धूप से दूर रहना चाहिए. इसके साथ ही फिटकरी की भस्म बनाकर ताजे पानी के साथ सुबह और शाम देने से दो से तीन दिन में पीलिया में बहुत आराम मिलता है. यह तरीका किसी भी प्रकार के पीलिया में कारगर साबित होता है.