22 मिनट पहले
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सर्दियों में ठंड से बचने के लिए कई लोग रूम हीटर या ब्लोअर चलाते हैं, लेकिन इससे बिजली का बिल तेजी से बढ़ता है। ऐसे में इलेक्ट्रिक ब्लैंकेट एक किफायती और आसान विकल्प हो सकता है।
कम बिजली में बिस्तर को गर्म रखने वाली यह डिवाइस तेजी से पॉपुलर हो रही है। लेकिन सवाल यही है कि क्या इलेक्ट्रिक ब्लैंकेट सुरक्षित है, कितनी बिजली खर्च करता है और इसका सही इस्तेमाल कैसे करें।
गलत तरीके से उपयोग करने पर इससे जलने, करंट लगने या ओवरहीट का खतरा भी हो सकता है। खासकर बुजुर्ग, बच्चे और बीमार लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।
इसलिए आज जरूरत की खबर में इलेक्ट्रिक ब्लैंकेट के बारे में बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि-
- इसे सेफली कैसे इस्तेमाल करें?
- क्या गलतियां नहीं करनी चाहिए?
एक्सपर्ट: डॉ. अरविंद अग्रवाल, डायरेक्टर, इंटरनल मेडिसिन एंड इन्फेक्शियस डिजीज, श्री बालाजी एक्शन मेडिकल इंस्टीट्यूट, दिल्ली
सवाल- इलेक्ट्रिक ब्लैंकेट क्या है और ये गर्मी कैसे पैदा करता है?
जवाब- इलेक्ट्रिक ब्लैंकेट एक खास कंबल होता है, जिसके अंदर पतला हीटिंग वायर लगा होता है। इसे बिजली से जोड़ते ही ये वायर गर्म होता है और पूरे ब्लैंकेट में एक समान गर्मी फैल जाती है। इसमें लगा थर्मोस्टेट ब्लैंकेट के टेम्प्रेचर को कंट्रोल करता है, ताकि ये जरूरत से ज्यादा गर्म न हो। नए मॉडल में फाइबरग्लास वायर और इंफ्रारेड हीटिंग सिस्टम होता है, जो सुरक्षित और एनर्जी-सेविंग है।

सवाल- इलेक्ट्रिक ब्लैंकेट कैसे इस्तेमाल किया जाता है?
जवाब- इलेक्ट्रिक ब्लैंकेट को बिस्तर पर बिछाकर, ऊपर से चादर डालकर इस्तेमाल किया जाता है। सोने से पहले इसे कम तापमान पर 10–15 मिनट चालू करें। सुरक्षित इस्तेमाल के लिए इसे सोने से पहले बंद कर देना चाहिए।
सवाल- इलेक्ट्रिक ब्लैंकेट में कितनी बिजली खर्च होती है?
जवाब- ज्यादातर इलेक्ट्रिक ब्लैंकेट की पावर 100–150 वॉट होती है। मान लीजिए 150 वॉट वाला ब्लैंकेट रोज 6 घंटे, 4 महीने तक चले तो बिजली खपत लगभग 108 यूनिट (kWh) होगी।
यह खर्च कमरे के हीटर या रूम ब्लोअर की तुलना में बेहद कम है। यानी इलेक्ट्रिक ब्लैंकेट कम बिजली में पूरे सर्दियों आरामदायक गर्मी देने वाला सबसे किफायती विकल्प साबित होता है।
सवाल- क्या इलेक्ट्रिक ब्लैंकेट रूम हीटर से सस्ते और ज्यादा एनर्जी-सेविंग है?
जवाब- हां, कमरे का हीटर आमतौर पर 1500–2000 वॉट बिजली खपत करता है। एक हीटर अगर रोज 5 घंटे चले तो 7.5–10 यूनिट खर्च करता है, जो रोज के 45-60 रुपए होता है। वहीं इलेक्ट्रिक ब्लैंकेट रोज सिर्फ 0.75 यूनिट खर्च करता है यानी 4–5 रुपए। ब्लैंकेट सिर्फ शरीर को गर्म करता है, पूरे कमरे को नहीं। इसलिए बिजली की भारी बचत होती है।
सवाल- रात भर इलेक्ट्रिक ब्लैंकेट ऑन रखकर सोना कितना सुरक्षित है?
जवाब- आधुनिक इलेक्ट्रिक ब्लैंकेट सेफ्टी फीचर्स के साथ आते हैं, जैसे थर्मोस्टेट, ऑटो शट-ऑफ और ओवरहीट प्रोटेक्शन के साथ। सही तरीके से इस्तेमाल हो तो रातभर ऑन रहना, आमतौर पर सुरक्षित माना जाता है। लेकिन डॉक्टर और सेफ्टी एक्सपर्ट सलाह देते हैं कि सोने से पहले ब्लैंकेट से बिस्तर गर्म कर लें और फिर बंद कर दें या कम टेम्प्रेचर मोड पर रखें।
सवाल- क्या इलेक्ट्रिक ब्लैंकेट सीधे स्किन पर रखने से जलने का खतरा हो सकता है?
जवाब- हां, इलेक्ट्रिक ब्लैंकेट को सीधे त्वचा पर रखना खतरनाक हो सकता है। आमतौर पर लोग इसे बेडशीट के नीचे बिछाते हैं, लेकिन कुछ लोग इसके इस्तेमाल का सही तरीका नहीं जानते हैं। इसके लंबे समय तक सीधे त्वचा के संपर्क में रहने से लो-लेवल बर्न हो सकता है, जो धीरे-धीरे जलन या छाले बना देता है।

सवाल- किन लोगों को इलेक्ट्रिक ब्लैंकेट का इस्तेमाल सावधानी से करना चाहिए या नहीं करना चाहिए?
जवाब- डायबिटिक पेशेंट्स, जिन्हें न्यूरोपैथी(नसों की कमजोरी) हैं, बुजुर्ग, शिशु, गर्भवती महिलाएं और स्किन डिजीज वाले लोगों को विशेष सावधानी रखनी चाहिए।
- जिन लोगों को गर्म-ठंडे का एहसास कम होता है, उनके लिए जलने का खतरा ज्यादा है।
- बिस्तर पर पेशाब करने वाले बच्चों या बीमार व्यक्तियों के लिए इलेक्ट्रिक ब्लैंकेट सुरक्षित नहीं होता है, क्योंकि नमी से शॉर्ट सर्किट का खतरा रहता है।
- इसके अलावा गंभीर हार्ट पेशेंट्स को भी डॉक्टर से पूछकर ही इस्तेमाल करना चाहिए।
सवाल- क्या पीठ दर्द, गठिया या मांसपेशियों के दर्द में इलेक्ट्रिक ब्लैंकेट फायदेमंद है?
जवाब- हां, हल्की और लगातार गर्मी मिलने से ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है, जिससे मांसपेशियों की जकड़न कम होती है। पीठ दर्द, गर्दन अकड़न, गठिया और मसल स्पैज्म में इससे काफी राहत मिलती है। गर्मी नसों को रिलैक्स करती है और दर्द को कम करती है। हालांकि बहुत ज्यादा तापमान नुकसानदेह हो सकता है। इसलिए डॉक्टर इसे मध्यम तापमान पर सीमित समय तक ही उपयोग की सलाह देते हैं। किसी क्रॉनिक डिजीज में एक बार डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
सवाल- खरीदते वक्त किन सेफ्टी फीचर्स पर ध्यान दें?
जवाब- इलेक्ट्रिक ब्लैंकेट खरीदते समय ये 5 फीचर्स जरूर देखें-

बिना सेफ्टी फीचर्स वाली सस्ती ब्लैंकेट से हमेशा बचना चाहिए।
सवाल- इलेक्ट्रिक ब्लैंकेट इस्तेमाल करने के सुरक्षित तरीके क्या हैं?
जवाब- सोते वक्त सीधी त्वचा पर संपर्क न होने दें। इसे फोल्ड करके इस्तेमाल न करें। सभी सेफ्टी टिप्स ग्राफिक में देखिए-

सेफ्टी नियम मानने से दुर्घटना का खतरा लगभग खत्म हो जाता है।
सवाल- इसे धोने और स्टोर करने का सुरक्षित तरीका क्या है?
जवाब- सभी इलेक्ट्रिक ब्लैंकेट नहीं धुले जा सकते हैं। कुछ ब्लैंकेट ही धुले जा सकते हैं। ब्लैंकेट को धोने से पहले प्लग और कंट्रोल यूनिट निकालें। कंपनी की गाइडलाइन देखकर ही मशीन वॉश या हैंड वॉश करें। तेज मरोड़कर न धोएं ड्रायर का इस्तेमाल न करें। पूरी तरह सूखने के बाद ही इसे दोबारा लगाएं। स्टोर करते समय ब्लैंकेट को ढीला मोड़कर रखें, ऊपर कोई भारी सामान न रखें। बहुत कसकर फोल्ड करने से अंदर की वायर टूट सकती है। नमी वाली जगह पर रखने से बचें।
सवाल- लंबे समय तक कंबल चलाने हैं तो क्या न करें?
जवाब- अगर लंबे समय तक कंबल चलाने हैं तो इन्हें ध्यान से रखना होगा। ख्याल रखें कि-
- ब्लैंकेट को मोड़कर बीच में दबाकर न बैठें।
- गीली अवस्था में प्लग इन न करें।
- टूटे तार या जले निशान पर उपयोग न करें।
- लंबे समय तक बिना ब्रेक मैक्स हीट पर न चलाएं।
- भारी कंबल या गद्दा ऊपर दबाकर न रखें।
- बिना पूरी तरह खोलें ब्लैंकेट चालू न करें।
- इन गलतियों से बचकर इलेक्ट्रिक ब्लैंकेट 5–7 साल तक सुरक्षित चल सकता है।
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