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- IndiGo Overtakes Air India In International Passengers: DGCA July Sep 2025 Data
नई दिल्ली25 मिनट पहले
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इंडिगो ने इंटरनेशनल पैसेंजर्स के मामले में एअर इंडिया ग्रुप को पीछे छोड़ दिया है। DGCA के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, जुलाई से सितंबर 2025 की तिमाही में इंडिगो ने 4.14 मिलियन यानी करीब 41.4 लाख इंटरनेशनल पैसेंजर्स को कैरी किया।
वहीं एअर इंडिया ग्रुप (एअर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस मिलाकर) ने सिंतबर तिमाही में 4.10 मिलियन यानी 41 लाख पैसेंजर्स को कैरी किया। यह अंतर छोटा है, लेकिन पिछले 6 साल में पहली बार इंडिगो ने इंटरनेशनल सेगमेंट में टॉप पोजिशन हासिल की है।
अलग-अलग एयरलाइंस ने कितने पैसेंजर्स कैरी किए
DGCA डेटा में इंडिगो सबसे आगे रहा। एअर इंडिया ग्रुप में एअर इंडिया ने अकेले 2.38 मिलियन पैसेंजर्स कैरी किए, जबकि एयर इंडिया एक्सप्रेस ने 1.72 मिलियन पैसेंजर्स को अपने डेस्टिनेशंस तक पहुंचाया। अन्य एयरलाइंस काफी पीछे रहीं।
स्पाइसजेट ने 0.31 मिलियन और अकासा एयर ने 0.21 मिलियन इंटरनेशनल पैसेंजर्स कैरी किए। इस तिमाही में इंडिगो के लगातार ऑपरेशंस और हाई फ्रीक्वेंसी रूट्स पर फोकस ने उसे फायदा पहुंचाया।
पिछली तिमाहियों में क्या ट्रेंड रहा था
इससे पहले जनवरी-मार्च 2025 तिमाही में एअर इंडिया ग्रुप काफी आगे था। तब ग्रुप ने 4.55 मिलियन पैसेंजर्स कैरी किए थे, जबकि इंडिगो के पास 3.93 मिलियन थे। अप्रैल-जून तिमाही में अंतर कम हुआ और जुलाई-सितंबर में इंडिगो ने लीड ले ली। एक्सपर्ट्स का कहना है कि समर और शुरुआती फेस्टिव सीजन में ट्रैवल डिमांड बढ़ने से इंडिगो को फायदा मिला।

एअर इंडिया ग्रुप को नुकसान क्यों हुआ
एअर इंडिया ग्रुप की कैपेसिटी पर असर इसलिए पड़ा है, क्योंकि पुराने एयरक्राफ्ट को अपग्रेड के लिए ग्राउंड किया गया और नए प्लेन की डिलीवरी में देरी हुई। इसके अलावा जून में अहमदाबाद एयरपोर्ट के पास बोइंग 787 क्रैश के बाद सेफ्टी रिव्यू में इंटरनेशनल वाइड-बॉडी ऑपरेशंस 15% तक कम कर दिए गए। इससे पैसेंजर्स की संख्या प्रभावित हुई।
विंटर शेड्यूल में क्या बदलाव हुए
इंडिगो ने इस विंटर सीजन (अक्टूबर 2025 से मार्च 2026) में इंटरनेशनल फ्लाइट्स 14.5% बढ़ाकर 44,035 कर दी हैं। पिछले विंटर में ये 38,481 थीं। वहीं एअर इंडिया ग्रुप ने अपनी फ्लाइट्स 9% कम करके 41,626 कर दी हैं, जो पिछले साल 45,958 थीं।
सर्कियम डेटा के मुताबिक, इंडिगो अब शेड्यूल्ड फ्लाइट्स और सीट्स में भी एअर इंडिया ग्रुप से आगे निकल गई है। स्पाइसजेट और अकासा जैसी छोटी एयरलाइंस इंटरनेशनल में अभी कम एक्टिव हैं।
एअर इंडिया ग्रुप का नेटवर्क बड़ा है, वो 48 विदेशी डेस्टिनेशंस पर उड़ान भरता है, जबकि इंडिगो 44 विदेशी डेस्टिनेशंस पर ऑपरेट करता है। कार्गो में एअर इंडिया अभी भी लीड कर रहा है।
इंडिगो की ग्रोथ जारी रहने की उम्मीद
इंडिगो की ग्रोथ जारी रहने की उम्मीद है, क्योंकि वो शॉर्ट और मीडियम हॉल रूट्स पर मजबूत है। एअर इंडिया ग्रुप नए प्लेन आने और अपग्रेड पूरा होने पर वापसी कर सकता है। दिसंबर में इंडिगो को कुछ ऑपरेशनल दिक्कतें आईं, लेकिन इंटरनेशनल में कैंसिलेशन कम रहे। कुल मिलाकर भारतीय एविएशन में कॉम्पिटिशन बढ़ रहा है।
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