पीलिया से लेकर पथरी तक में कारगर है भूमि आंवला, करता है बड़ी-बड़ी बीमारियों का इलाज, जानिए इसके चमत्कारी गुण

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Bhumi Amla Benefits: भूमि आंवला एक छोटा लेकिन अत्यंत लाभकारी औषधीय पौधा है, जिसे आयुर्वेद में कई गंभीर रोगों के उपचार में उपयोग किया जाता है. आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ. राजेश कुमार के अनुसार यह लिवर विकार, पीलिया, पथरी, पाचन समस्याओं और त्वचा रोगों में प्रभावी है. जानिए इसके फायदे और सेवन के सही तरीके.

Bhumi Amla Benefits: प्रकृति में मौजूद कई छोटे-छोटे पौधे औषधीय गुणों से भरपूर होते हैं, लेकिन जानकारी के अभाव में लोग उनके फायदों से अनजान रह जाते हैं. ऐसा ही एक महत्वपूर्ण औषधीय पौधा है भूमि आंवला, जो देखने में भले ही साधारण लगता हो, लेकिन आयुर्वेद में इसे कई गंभीर बीमारियों के इलाज में बेहद उपयोगी माना गया है. लिवर विकार, पीलिया, पथरी और पाचन संबंधी समस्याओं में इसके विशेष लाभ बताए जाते हैं. आइए जानते हैं आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ. राजेश कुमार से इसके फायदे और उपयोग का सही तरीका.

डॉ. राजेश कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि भूमि आंवला एक छोटा लेकिन अत्यंत उपयोगी औषधीय पौधा है. इसे भूमि आंवला इसलिए कहा जाता है क्योंकि यह जमीन के बेहद करीब उगता है. इस पौधे की ऊंचाई लगभग 5 से 15 सेंटीमीटर तक होती है. इसका रंग हरा होता है और इसकी पत्तियां काफी कोमल होती हैं. इसकी पत्तियों के बीच मटर के दाने के आकार जैसे छोटे-छोटे फल लगते हैं, जो नीचे की ओर दिखाई देते हैं.

डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि भूमि आंवला पूरे भारत में आसानी से पाया जाता है. यह खेतों, बाग-बगीचों, सड़कों के किनारे और जहां गीली मिट्टी होती है, वहां स्वाभाविक रूप से उग आता है. बरसात के मौसम में इसका फैलाव और भी अधिक हो जाता है. औषधीय दृष्टि से भूमि आंवला पीलिया और यकृत (लिवर) से संबंधित रोगों में विशेष रूप से लाभकारी माना जाता है. इसके अलावा यह पथरी, मूत्र रोगों और पाचन तंत्र की समस्याओं में भी उपयोगी है.

इसे रक्त शुद्ध करने वाला (ब्लड प्यूरिफायर) माना जाता है और त्वचा रोगों में भी इसका अच्छा प्रभाव देखा गया है. उन्होंने बताया कि आयुर्वेद में भूमि आंवला के पूरे पौधे का उपयोग औषधि के रूप में किया जाता है. इसका रस निकालकर 10 से 20 मिलीलीटर सुबह-शाम खाली पेट सेवन करने से अच्छा लाभ मिलता है. इसके अलावा भूमि आंवला का काढ़ा बनाकर 40 से 50 मिलीलीटर मात्रा में भी लिया जा सकता है. इसका चूर्ण भी उपयोग किया जाता है, जिसकी मात्रा 3 से 5 ग्राम सुबह-शाम गर्म पानी या शहद के साथ ली जा सकती है.

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Rahul Goel

राहुल गोयल न्यूज़ 18 हिंदी में हाइपरलोकल (यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश) के लिए काम कर रहे हैं. मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें 16 साल से ज्यादा का अनुभव है, जिसमें उनका फोकस हमेशा न्यू मीडिया और उसके त…और पढ़ें

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छोटा पौधा, बड़े फायदे… पीलिया से लेकर पथरी तक में कारगर है भूमि आंवला

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