ना पैसा खर्च, ना दवाई का टेंशन, रोजाना 10 मिनट ये काम दिलाएगा बीपी और लकवा से राहत

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योग और प्राणायाम शरीर के लिए बहुत ही फायदेमंद हैं. इसका असर साफ तौर पर अनुभव किया जा सकता है. बीपी और लकवा जैसी घातक बीमारियों से छुटकारा पाने के लिए भी यह काफी असरदार है. नियमित तौर पर इसे करने से शरीर में अनेकों लाभ मिलते हैं.

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गोड्डा. सर्दियों का मौसम शुरू होते ही जिले में स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं भी तेजी से बढ़ने लगती हैं. खासकर हाई ब्लड प्रेशर या हाई बीपी की परेशानी इन दिनों आम हो गई है. तापमान कम होने पर शरीर की रक्त धमनियां सिकुड़ने लगती हैं, जिससे बीपी बढ़ जाता है और कई बार यह स्थिति गंभीर रूप धारण कर लकवा (पैरेलिसिस) तक का कारण बन जाती है. डॉक्टरों और योग विशेषज्ञों के मुताबिक ठंड के महीनों में बीपी के मरीजों की संख्या अन्य मौसमों की तुलना में अधिक देखी जाती है.

प्राणायाम दिलाएगा बीपी से राहत 
इसी बीच गोड्डा के जाने-माने योग विशेषज्ञ निर्मल केसरी ने लोकल 18 से बात करते हुए बताया कि लोग बिना किसी दवा के, बिना किसी खर्च के, घर बैठे सिर्फ 10 मिनट के विशेष प्राणायाम द्वारा हाई बीपी जैसी खतरनाक बीमारी से काफी हद तक राहत पा सकते हैं.

हर्बल चाय का करें सेवन 
योग गुरु के अनुसार, सबसे पहले अपने आहार को सात्विक बनाना बेहद जरूरी है. ठंड के दिनों में तैलीय और मसालेदार भोजन BP को और बढ़ा सकता है. उन्होंने सलाह दी कि संभव हो तो तुलसी और दालचीनी से बनी हर्बल चाय का सेवन रोज़ाना करें. यह शरीर की आंतरिक गर्माहट बनाए रखने के साथ-साथ रक्तचाप को नियंत्रित रखने में सहायक होती है.

अनुलोम-विलोम और भ्रामरी सबसे असरदार 
इसके साथ ही योग गुरु ने दो महत्वपूर्ण प्राणायाम को खास तौर पर करने की अपील की जिसमें अनुलोम-विलोम प्राणायाम और भ्रामरी प्राणायाम करना चाहिए. निर्मल केसरी ने बताया कि अगर व्यक्ति रोजाना 10–10 मिनट इन दोनों प्राणायाम को नियमित रूप से करे तो हाई बीपी पर बेहद सकारात्मक असर पड़ता है. अनुलोम-विलोम जहां शरीर में ऑक्सीजन का संतुलन बनाए रखता है और नसों में शिथिलता लाता है, वहीं भ्रामरी प्राणायाम मन को शांत कर तनाव को कम करता है, जो बीपी बढ़ने की सबसे बड़ी वजह माना जाता है.

उन्होंने यह भी कहा कि बीपी और लकवा से बचाव का सबसे बेहतर तरीका है—नियमित दिनचर्या, हल्का व्यायाम, पर्याप्त जल सेवन और स्ट्रेस-फ्री जीवनशैली. योग गुरु के मुताबिक यदि लोग सर्दियों में अपनी दिनचर्या में थोड़े से बदलाव करें और प्राणायाम को आदत बना लें, तो कई गंभीर बीमारियों को आने से पहले ही रोका जा सकता है.

स्वास्थ्य विशेषज्ञों की मानें तो दवा के साथ-साथ योग जैसी प्राकृतिक पद्धतियां जीवनशैली सुधारने में बेहद कारगर हैं. ठंड के मौसम में अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखना समय की मांग है, और योग इसके लिए एक सरल और प्रभावी उपाय बन सकता है.

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