सर्दियों में ताकत और इम्यूनिटी बढ़ाने का आसान उपाय: रोजमर्रा के आहार में शामिल करें सहजन की पत्तियां

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Natural Superfood for Winter Health: नागौर में स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बताया कि सहजन की पत्तियाँ प्राकृतिक पोषण का खजाना हैं. ये विटामिन, मिनरल्स और प्रोटीन से भरपूर होती हैं, सर्दियों में भी शरीर को गर्म रखती हैं और रोज़मर्रा के आहार में शामिल करने से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है.

आज की भागदौड़ भरी ज़िंदगी में संतुलित आहार लेना हर किसी के लिए आसान नहीं रह गया है. खानपान में मिलावट, प्रोसेस्ड फ़ूड और समय की कमी के कारण शरीर को आवश्यक पोषक तत्व पूरे नहीं मिल पाते हैं. ऐसे में प्रकृति ने हमें कुछ ऐसे सुपरफूड दिए हैं जो थोड़ी-सी मात्रा में भी भरपूर पोषण प्रदान करते हैं. सहजन, जिसे मोरिंगा भी कहा जाता है, उन्हीं चमत्कारी पौधों में से एक है, जिसकी पत्तियाँ औषधीय गुणों से भरपूर मानी जाती हैं.

सहजन के पत्ते

सदियों से आयुर्वेद में सहजन की पत्तियों का उपयोग रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने, कमज़ोरी दूर करने और कई बीमारियों के उपचार में किया जाता रहा है. विटामिन, खनिज, प्रोटीन और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर सहजन की पत्तियाँ आज “सुपरफूड” के रूप में दुनियाभर में लोकप्रिय हो रही हैं. सही तरीके से और नियमित रूप से सेवन करने पर ये पत्तियाँ शरीर को संपूर्ण पोषण प्रदान करती हैं, जिससे शरीर आंतरिक रूप से मज़बूत बनता है.

सहजन के पत्ते

हेल्थ एक्सपर्ट डॉक्टर अंजू चौधरी ने बताया कि सहजन की पत्तियों का सेवन स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभदायक होता है, विशेषकर सर्दियों में. पोषक तत्वों का पावरहाउस, सहजन की पत्तियों में विटामिन A, C, E, कैल्शियम, आयरन, पोटैशियम और प्रोटीन प्रचुर मात्रा में होते हैं. यही कारण है कि इन्हें संतरे, दूध, केले और पालक से भी अधिक पोषक बताया जाता है. इन तत्वों की प्रचुरता इसे दैनिक पोषण आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए एक उत्कृष्ट विकल्प बनाती है.

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सहजन के पत्ते

सहजन की पत्तियों में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर को संक्रमण से बचाते हैं और इम्यून सिस्टम को मज़बूत बनाते हैं. रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाए जाने के कारण, बदलते मौसम में होने वाली सर्दी-खाँसी से बचाव में सहजन बेहद फ़ायदेमंद है. इसके साथ ही, सहजन की पत्तियाँ आयरन का अच्छा स्रोत हैं, जो हीमोग्लोबिन बढ़ाने में मदद करती हैं, जिससे यह खून की कमी दूर करने में सहायक होती हैं और एनीमिया से पीड़ित लोगों के लिए प्राकृतिक टॉनिक का काम करती हैं.

सहजन के पत्ते

हेल्थ एक्सपर्ट के अनुसार मोरिंगा की पत्तियों में फाइबर भरपूर होता है, जो पाचन को दुरुस्त रखता है और कब्ज़, गैस जैसी समस्याओं से राहत दिलाता है, जिससे पाचन तंत्र मज़बूत बनता है. इसके अतिरिक्त, सहजन की पत्तियाँ ब्लड शुगर लेवल को संतुलित रखने और ख़राब कोलेस्ट्रॉल को कम करने में सहायक मानी जाती हैं, जिससे यह शुगर और कोलेस्ट्रॉल नियंत्रण में मददगार साबित होती हैं, और परिणामस्वरूप हृदय स्वास्थ्य बेहतर रहता है.

सहजन के पत्ते

सहजन की पत्तियों में कैल्शियम और प्रोटीन की अच्छी मात्रा होने के कारण, ये हड्डियों को मज़बूत करती हैं और मांसपेशियों की कमज़ोरी दूर करती हैं. इसके अलावा, मोरिंगा की पत्तियों का सेवन त्वचा और बालों की समस्याओं को जड़ से खत्म करती है, क्योंकि इसमें मौजूद विटामिन A और E त्वचा में निखार लाते हैं, झुर्रियों को कम करते हैं और बालों को मज़बूत व चमकदार बनाते हैं.

सहजन के पत्ते

ग्रामीण सीमा देवी ने बताया की सहजन की पत्तियों का सेवन सब्ज़ी, साग, सूप, पराठे या दाल में डालकर किया जा सकता है. इन्हें सुखाकर पाउडर बनाकर गुनगुने पानी, छाछ या स्मूदी में भी लिया जा सकता है. सुबह ख़ाली पेट थोड़ी मात्रा में सेवन करना विशेष लाभकारी माना जाता है. सहजन की पत्तियाँ सचमुच प्रकृति का अनमोल वरदान है. थोड़े से नियमित सेवन से शरीर को संपूर्ण पोषण मिलता है और कई बीमारियों से बचाव होता है.

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