सड़क दुर्घटना में हुई थी चार पुलिसकर्मियों की मौत।
सागर के बांदरी थाना क्षेत्र में नेशनल हाईवे-44 पर हुए भीषण सड़क हादसे में 4 पुलिसकर्मियों की मौत के बाद पुलिस विभाग ने सख्त कदम उठाए हैं। प्रदेश के डीजीपी कैलाश मकवाणा ने नया आदेश जारी करते हुए कहा है कि अब पुलिसकर्मी रात 12 बजे से सुबह 5 बजे के बीच
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जारी आदेश में बताया गया है कि 10 दिसंबर को सागर जिले में बीडीडीएस (BDDS) वाहन की एक ट्रक से आमने-सामने भिड़ंत हो गई थी। इस हादसे में 4 पुलिस आरक्षकों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। वहीं, गंभीर रूप से घायल एक आरक्षक को बेहतर इलाज के लिए एयर एंबुलेंस के जरिए तत्काल दिल्ली भेजा गया है। यह टीम बालाघाट में नक्सल विरोधी ड्यूटी पूरी कर 9 दिसंबर की शाम रवाना होकर वापस अपनी मूल इकाई मुरैना लौट रही थी।
डीजीपी ने जारी किया आदेश।
ड्राइवर की थकान बनती है हादसे की वजह डीजीपी ने आदेश में उल्लेख किया है कि पूर्व वर्षों में भी यह देखा गया है कि देर रात लंबी दूरी की यात्रा के दौरान वाहन चालक थक जाते हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है। इसलिए अब इकाई स्तर पर यह सुनिश्चित करना होगा कि वाहन की कंडीशन ठीक हो, वाहन चालक गाड़ी चलाने के लिए अधिकृत (Authorized) हो और उन्हें कोई स्वास्थ्य संबंधी समस्या न हो।
इन परिस्थितियों में मिलेगी छूट
- रात्रि गश्त
- पुलिस थानों की आकस्मिक विजिट
- चेकिंग अभियान
- किसी घटनास्थल पर तत्काल पहुंचने की आवश्यकता
- कानून व्यवस्था की स्थिति को नियंत्रित करना
- आकस्मिक वीवीआईपी (VVIP) विजिट के दौरान फोर्स मूवमेंट
इन अपवादों को छोड़कर, यथासंभव देर रात 12 बजे से सुबह 5 बजे तक यात्रा न करने के निर्देश दिए गए हैं। आदेश में यह भी कहा गया है कि यदि लंबी दूरी की यात्रा है, तो रास्ते में पड़ने वाली पुलिस इकाइयों (थानों/लाइन) में वाहन चालक को पर्याप्त विश्राम दिलाया जाए।
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