पार्टी ऑफिस मीटिंग या बाजार जाना के नाम से आपके भी पसीने छुटने लगते हैं? या अचानक घबराहट के साथ तेज धड़कन, हाथ-पैरों में पसीने के साथ दिमाग में एक ही बात घूमने लगता है? यदि हां, तो आप अकेले नहीं हैं. इससे हजारों लोग परेशान है, और इस परेशानी को सोशल एंग्जायटी डिसऑर्डर कहा जाता है.
सोशल एंग्जायटी डिसऑर्डर से घबराने की जरुरत नहीं है. इसके छुपे संकेतों या लक्षणों को पहचानकर और कुछ आसान तरीकों से इसे पूरी तरह काबू किया जा सकता है.
सोशल एंग्जायटी के लक्षण
इस डिसऑर्डर के छुपे हुए लक्षण हैं जो ज्यादातर लोग नजरअंदाज कर देते हैं, जैसे हाथ-पैर और माथे से अचानक पसीना छूटना, बात करते वक्त आवाज का कांपना या चेहरा लाल पड़ जाना, लोगों के सामने खाना-पीना छोड़ देना क्योंकि हाथ कांपने का डर, फोन कॉल से डरना, सिर्फ मैसेज करना पसंद करना, सालों पुरानी छोटी गलती को बार-बार याद करके खुद को कोसना, और हर छोटी बातचीत को पहले से दिमाग में तैयार करना.
सोशल एंग्जायटी से निपटने के उपाय
सोशल एंग्जायटी से निपटने के लिए घर पर ही कुछ आसान उपायों को आजमाकर इसे मात दिया जा सकता है, जैसे-
– सांस लेने की 4-7-8 टेक्निक. इसके लिए 4 सेकंड सांस लें, 7 सेकंड रोकें, और 8 सेकंड में धीरे छोड़ें. घबराहट तुरंत कम होती है.
– छोटे-छोटे कदम जैसे पहले किसी अजनबी से सिर्फ ‘हाय-हैलो’ बोलें, फिर धीरे-धीरे बात बढ़ाएं. हर छोटी जीत को सेलिब्रेट करें.
– नकारात्मक विचारों को मन में न आने दें. खुद को सकारात्मक रखें और खुद से पूछें, “सबसे बुरा क्या हो सकता है? और 5 साल बाद क्या फर्क पड़ेगा?”
– ध्यान और आसन करें. रोजाना कम से कम 5-10 मिनट माइंडफुलनेस मेडिटेशन करें, वर्तमान में रहने की प्रैक्टिस करें, रोज 30 मिनट टहलें, योग करें, 7-8 घंटे की नींद लें, और चाय-कॉफी का सेवन कम करें. इसके साथ ही अपने दोस्त या परिवार से अपनी बात शेयर करें, अकेले न रहें.
– अगर बात हाथ से बाहर हो जाए तो मनोचिकित्सक या काउंसलर से मदद लें. सलाह के अनुसार सीबीटी थेरेपी लें. यह समस्या में बेहद कारगर है.
Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.