भारत से दूर जाने की बांग्लादेश की कोशिश, ब्राजील से इस चीज का बढ़ाया इम्पोर्ट

Bangladesh Cotton Import: बांग्लादेश के लिए ब्राजील अब कॉटन का सबसे बड़ा सोर्स बनकर उभर रहा है. इसी के साथ दुनिया के सबसे बड़े टेक्सटाइल मार्केट में से एक बांग्लादेश में भारत का लंबे समय से चला आ रहा दबदबा अब खत्म होता नजर आ रहा है. चीन के बाद  बांग्लादेश दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा रेडीमेड गारमेंट एक्सपोर्टर है.

US डिपार्टमेंट ऑफ एग्रीकल्चर (USDA) की एक रिपोर्ट में यह बात सामने आई थी कि ब्राजील, भारत को पछाड़कर बांग्लादेश का टॉप सप्लायर बन गया है. यह बदलाव बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को सत्ता से बेदखल किए जाने और सरकार बदलने के कुछ महीनों बाद आया है. 

दोनों देशों में बढ़ रही दूरी 

हाल के दिनों में बांग्लादेश और भारत के रिश्ते में कुछ कड़वाहट आई है. इसके पीछे बांग्लादेश की चीन के साथ बढ़ती नजदीकी, पाकिस्तान के साथ रिश्ते सुधारने की बांग्लादेश की कोशिश, भारत से अवैध बांग्लादेशियों को वापस सीमा पार धकेले जाना, ढाका की इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल के फैसले के बाद भारत से शेख हसीना को वापस भेजने की मांग युनूस सरकार की मांग का भारत की तरफ से ऑफिशियली कोई जवाब नहीं दिया जाना, गंगा-तीस्ता जल बंटवारे जैसे कई मुद्दे हैं. हालांकि, तल्ख रिश्ते के बावजूद भारत अब भी बांग्लादेश को कॉटन यार्न का मुख्य सप्लायर बना हुआ है, जो मार्केटिंग ईयर 2024-2025 में बांग्लादेश के टोटल इंपोर्ट का 82 परसेंट हिस्सा है. 

बांग्लादेश में कॉटन का इम्पोर्ट 

जुलाई 2025 में रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, रेडीमेड गारमेंट सेक्टर एक्सपोर्ट से बांग्लादेश की होने वाली टोटल कमाई में 80 से ज्यादा की हिस्सेदारी रखता है, जो इसकी सालाना GDP का लगभग 10 परसेंट है. रिपोर्ट के मुताबिक, इस सेक्टर से वहां के लगभग 4 मिलियन लोगों की रोजी-रोटी जुड़ी हुई है. 

2024-25 मार्केटिंग साल (अगस्त 2024-जुलाई 2025) में, बांग्लादेश ने रिकॉर्ड 8.28 मिलियन गांठ कॉटन इंपोर्ट किया. दिसंबर में छपी US डिपार्टमेंट ऑफ एग्रीकल्चर (USDA) की रिपोर्ट के मुताबिक, इनमें से ब्राजील ने 1.9 मिलियन गांठ (मार्केट शेयर का 25 परसेंट) सप्लाई किया, जबकि भारत 1.4 मिलियन गांठ (15 परसेंट) के साथ दूसरे नंबर पर आ गया. ठीक एक साल पहले, भारत 1.79 मिलियन गांठ और 23 परसेंट शेयर के साथ सबसे आगे था.

बांग्लादेश में स्पिनिंग इंडस्ट्री दो तरह के धागे बनाने के लिए कच्चे कॉटन का इस्तेमाल करती है: कॉटन यार्न और मिक्स्ड यार्न. रिपोर्ट के अनुसार, मार्केटिंग ईयर 2024-25 में टोटल कॉटन इंपोर्ट 2023-24 में इंपोर्ट किए गए 7.8 मिलियन बेल्स से 5.2 परसेंट ज्यादा है. दूसरे बड़े सप्लायर्स में यूनाइटेड स्टेट्स (7 परसेंट शेयर), ऑस्ट्रेलिया और कई वेस्ट अफ्रीका जैसे देश शामिल हैं, लेकिन कोई भी ब्राजील के नए वॉल्यूम के आस-पास भी नहीं है.

 

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