राजगढ़ जिले में सुरक्षित मातृत्व और जिम्मेदार स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर प्रशासन एक्शन मोड में दिखाई दिया। जिला अस्पताल में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत मंगलवार को 72 गर्भवती महिलाओं की जांच की गई। इस दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य
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उन्होंने व्यवस्थाओं को संतोषजनक बताते हुए कहा कि इस तरह के शिविर महिलाओं के लिए बड़ी राहत साबित होते हैं। अस्पताल परिसर में जांच से लेकर आराम, नाश्ता और पेयजल तक की सुविधाएं एक ही जगह उपलब्ध कराई गई थीं, जिससे दूर-दराज से आई महिलाओं को काफी सहूलियत मिली।
निरीक्षण के बाद सीएमएचओ की टीम हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर खरना पहुंची। यहां सुबह 11 बजे तक कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर अनुपस्थित मिले, जिस पर अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। साथ ही ‘सार्थक’ एप के माध्यम से रोजाना हाजिरी दर्ज करने के निर्देश भी दिए गए, ताकि सिस्टम में पारदर्शिता और जवाबदेही बनी रहे।
इसी क्रम में ग्राम खाजला में आयोजित टीकाकरण सत्र का निरीक्षण भी किया गया। यहां स्कूली बच्चों को एनीमिया से बचाव के तरीके, आयरन की गोलियों के सेवन और पौष्टिक आहार के महत्व के बारे में समझाया गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बच्चों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और स्वच्छता पर ध्यान देने के लिए प्रेरित किया।
यह अभियान सिर्फ जांच और मॉनिटरिंग तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह संदेश भी दिया कि स्वास्थ्य सेवाएं तभी प्रभावी हो सकती हैं जब सिस्टम जिम्मेदारी से काम करे। गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य सुरक्षा से लेकर बच्चों में जागरूकता तक—एक दिन में हुए इन प्रयासों ने जिले में स्वास्थ्य सुधार की दिशा में सकारात्मक माहौल बनाया।