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भले ही देखने में अमरूद के पत्ते साधारण लगें, लेकिन ये सेहत के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं हैं. इनमें एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन C, फाइबर और एंटी-बैक्टीरियल जैसे कई गुण पाए जाते हैं, जो अनेकों रोगों से राहत दिला सकते हैं. यह डायबिटीज, पाचन, इम्यूनिटी, डेंगू और त्वचा से जुड़ी समस्याओं में रामबाण की तरह काम करते हैं.
अमरूद के पत्ते कई मायने में बेहद लाभकारी होते हैं. यह कार्बोहाइड्रेट के अवशोषण की गति धीमी कर देते हैं, जिससे भोजन के बाद ब्लड शुगर स्तर अचानक नहीं बढ़ता. पत्तों की चाय इंसुलिन सेंसिटिविटी को बढ़ाने में मदद कर शुगर मरीजों के लिए एक सुरक्षित विकल्प हो सकती है.

अमरूद के पत्तों का काढ़ा एसिडिटी, कब्ज, गैस और दस्त जैसी आम समस्याओं से राहत दिलाने में बेहद उपयोगी है. इनमें मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी तत्व पेट की सूजन कम कर आंतों को साफ रखने में मदद करते हैं. नियमित सेवन से भोजन अच्छी तरह पचता है.

अमरूद की पत्तियों की चाय वजन कम करने वालों के लिए एक शानदार विकल्प है. यह कार्बोहाइड्रेट को चर्बी में बदलने से रोकती है और भूख को नियंत्रित करने में मदद करती है. लो-कैलोरी और हाई-फाइबर गुणों के कारण यह शरीर के मेटाबॉलिज्म को भी तेज करती है.
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अमरूद की पत्तियों में विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्युनिटी को बढ़ाते हैं. इसका काढ़ा सर्दी-जुकाम, वायरल इंफेक्शन और गले की खराश में कारगर माना जाता है. यह शरीर की प्राकृतिक रक्षा प्रणाली को भी मजबूत कर सकता है.

राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय नगर बलिया की पांच साल अनुभवी चिकित्साधिकारी डॉ. वंदना तिवारी के मुताबिक, अमरूद के पत्तों का एंटीऑक्सीडेंट प्रभाव त्वचा से टॉक्सिन्स हटाता है. इससे मुहांसे, झुर्रियां और दाग-धब्बे कम होते हैं. बालों में काढ़ा लगाने से डैंड्रफ और फंगल इंफेक्शन में राहत मिलती है, जिससे बाल मजबूत, घने और चमकदार बनते हैं.

अमरूद के पत्तों में एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं, जो दांत दर्द, मसूड़ों की सूजन और बदबू की समस्या दूर करने में मदद करते हैं. वहीं, इनमें मौजूद फाइबर और पोटैशियम दिल को मजबूत रखते हैं और ब्लड प्रेशर व कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखने में सहायक होते हैं. ये पत्ते मासिक धर्म के दर्द में भी आराम दे सकते हैं.

डेंगू में अमरूद की पत्तियों का काढ़ा प्लेटलेट काउंट बढ़ाने में बेहद लाभकारी माना जाता है. सुबह खाली पेट 1-2 पत्ते चबाना या 5-7 पत्तों को उबालकर चाय बनाकर सेवन करना फायदेमंद होता है. हालांकि, कुछ स्थितियों में यह हानिकारक भी हो सकता है, इसलिए किसी रोग से ग्रस्त व्यक्ति को सेवन से पहले आयुर्वेद एक्सपर्ट से सलाह जरूर लेनी चाहिए.