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Arjun Tree Benefits: अर्जुन का पेड़ हृदय स्वास्थ्य, इम्युनिटी और ब्लड सर्कुलेशन सुधारने का प्राकृतिक स्रोत है. इसकी छाल ही नहीं, बल्कि पत्ते और फल भी कई रोगों में कारगर हैं. हाई बीपी, कोलेस्ट्रॉल, शुगर, सूजन और थकान जैसी लाइफस्टाइल बीमारियों में यह पेड़ आयुर्वेदिक उपाय के रूप में उपयोग किया जाता है.
प्रकृति ने मानव जीवन को स्वस्थ रखने के लिए अनेक औषधीय पेड़ दिए हैं, उन्हीं में से एक अत्यंत प्रभावशाली और गुणकारी वृक्ष है अर्जुन का पेड़. यह वृक्ष प्राचीन काल से आयुर्वेद में प्रयोग किया जा रहा है. आमतौर पर लोग अर्जुन की छाल के बारे में जानते हैं, लेकिन इसके पत्ते और फल भी उतने ही चमत्कारी स्वास्थ्य लाभों से भरपूर हैं. अर्जुन का फल देखने में स्टार फ्रूट जैसा दिखाई देता है और इसके पत्ते घरेलू उपचारों में विशेष स्थान रखते हैं.

अर्जुन के पत्ते एंटीसेप्टिक, एंटीइंफ्लेमेटरी और दर्दनाशक गुणों से भरपूर होते हैं. इनमें मौजूद प्राकृतिक तत्व शरीर में सूजन, संक्रमण और दर्द को कम करने का काम करते हैं. हेल्थ एक्सपर्ट डॉक्टर अंजु चौधरी ने बताया कि अर्जुन के पत्ते कान दर्द में रामबाण उपाय हैं. पारंपरिक घरेलू ज्ञान के अनुसार, ताज़े अर्जुन के पत्ते लेकर ओखली में अच्छे से कूट लेना है, फिर उसका रस निकाल लेना है. कान में दर्द होने पर 2 से 4 बूँद रस डाल लें. यह उपाय कान के तेज़ दर्द, सूजन और संक्रमण में तुरंत राहत देने वाला माना जाता है.

यह न केवल कान के दर्द को, बल्कि कान के अंदर जमी गंदगी व बैक्टीरिया को खत्म करने में सहायक होता है. यह फोड़े-फुंसी और घाव पर लगाने से जल्दी भराव करता है. यह त्वचा की खुजली, एलर्जी और संक्रमण में लाभकारी है, शरीर की सूजन को कम करने में सहायक है और हल्के जलन या कीड़े के काटने पर आराम देता है.
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अर्जुन का फल देखने में भले ही साधारण लगे, लेकिन इसके गुण असाधारण हैं. हेल्थ एक्सपर्ट के अनुसार, यह शरीर के भीतर से कमज़ोरी दूर करने का कार्य करता है. यह हृदय को मज़बूत बनाता है और दिल की मांसपेशियों को ताक़त देता है. इसी के साथ यह रक्त संचार को बेहतर करता है. इसका उपयोग दिल की धड़कन को संतुलित रखने में सहायक होता है, और यह हार्ट ब्लॉकेज और कोलेस्ट्रॉल नियंत्रण में मदद करता है.

इसका उपयोग करने से ऊर्जा बढ़ती है. यह शरीर में ऑक्सीजन की सप्लाई बेहतर करता है, जिससे थकान, कमज़ोरी और चक्कर की समस्या में लाभ मिलता है. यह रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) बढ़ाता है, बार-बार बीमार पड़ने की समस्या को कम करता है और मौसमी संक्रमण से बचाव करता है. यह पाचन और शरीर दोनों को संतुलित करता है.

आयुर्वेद में अर्जुन को ‘हृदय रक्षक वृक्ष’ कहा गया है. इसके पत्ते, फल और छाल तीनों मिलकर हाई ब्लड प्रेशर, दिल की कमज़ोरी, तनाव और एंग्जायटी, तथा हृदय रोगों की रोकथाम में उपयोगी माने जाते हैं. अर्जुन का पेड़ सचमुच प्रकृति का वरदान है. इसके पत्ते तुरंत राहत देने वाले घरेलू उपचार हैं, वहीं इसके फल शरीर को अंदर से शक्तिशाली बनाते हैं. यदि सही जानकारी और संतुलित मात्रा में उपयोग किया जाए, तो अर्जुन जीवन को स्वस्थ, ऊर्जावान और रोग-मुक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.