आपने आखिरी बार हेल्थ चेकअप कब कराया? सेहत के साथ खिलवाड़ पड़ सकता है भारी, एक्सपर्ट का क्या कहना

ऋषिकेश: आज की तेज रफ्तार जिंदगी में हम काम, जिम्मेदारियों और रोजमर्रा की भाग-दौड़ में इतने उलझ जाते हैं कि अपनी सेहत को पीछे छोड़ देते हैं. हम अक्सर सोचते हैं कि जब तबीयत खराब होगी, तब डॉक्टर के पास जाएंगे, पर क्या आप जानते हैं कि कई बीमारियां बिना किसी दर्द या दिखने वाले लक्षण के धीरे-धीरे शरीर में पनप रही होती है. ऐसे में एक छोटा सा सवाल, ‘आपने आखिरी बार हेल्थ चेकअप कब कराया?’ आपकी जिंदगी बदल सकता है. मेडिकल साइंस की मानें तो समय पर जांच करवाना बीमारी से बचने का सबसे आसान और सस्ता उपाय है. फिर भी भारत में करोड़ों लोग सालों तक कोई हेल्थ चेकअप नहीं कराते और जब करते हैं, तब तक बहुत देर हो चुकी होती है.

क्यों जरूरी है रेगुलर हेल्थ चेकअप?

लोकल 18 के साथ बातचीत के दौरान डॉ. राजकुमार (आयुष) ने कहा कि लोग अक्सर मानते हैं कि अगर शरीर में दर्द नहीं है तो सब ठीक है, लेकिन असलियत बिल्कुल उलट हो सकती है. हाई BP, थायरॉयड, डायबिटीज, फैटी लिवर, किडनी प्रॉब्लम, कोलेस्ट्रॉल जैसी कई बीमारियां सालों तक बिना लक्षण चुपचाप शरीर को नुकसान पहुंचाती हैं. ये धीरे-धीरे बड़े खतरे का रूप ले लेती हैं और हमें देर से पता चलता है. हर व्यक्ति को साल में एक बार पूरा हेल्थ चेकअप जरूर कराना चाहिए, जिसमें ब्लड टेस्ट, लिवर फंक्शन, किडनी टेस्ट, शुगर, थायरॉयड, हीमोग्लोबिन, यूरिक एसिड और विटामिन की जांच शामिल हो. जो लोग 30 या उससे ऊपर की उम्र में हैं या जिनके परिवार में डायबिटीज, BP या हार्ट डिजीज का इतिहास है, उन्हें साल में दो बार चेकअप कराने की सलाह दी जाती है. समय पर रिपोर्ट मिलने से बीमारी की शुरुआत में ही रोकथाम की जा सकती है और इलाज आसान और कम खर्च में हो जाता है.

लोग चेकअप क्यों नहीं कराते?

कई लोग चेकअप इसलिए टालते हैं, क्योंकि वे खुद को फिट महसूस करते हैं. कुछ लोग खर्च की वजह से सोचते हैं कि यह पैसे की बर्बादी है,लेकिन सच्चाई इसके बिल्कुल उलट है. बीमारी के बढ़ जाने पर इलाज का खर्च चेकअप से कई गुना अधिक होता है. दूसरा, भागदौड़ भरी जिंदगी में समय की कमी भी बड़ी वजह है. लोग डॉक्टर के पास जाने को प्राथमिकता नहीं देते, लेकिन हेल्थ इमरजेंसी होने पर उसी डॉक्टर के कमरे के बाहर घंटों लाइन में खड़े रहते हैं. आज के समय में चेकअप न करवाना एक ऐसी लापरवाही है, जिसका नुकसान पूरी जिंदगी भुगतना पड़ सकता है.

रोजमर्रा की लाइफस्टाइल ने बढ़ाया खतरा

तेजी से बदलते खान-पान, कम नींद, तनाव और व्यायाम की कमी ने हमारे शरीर पर सीधा असर डाला है. आज युवा भी हार्ट अटैक, डायबिटीज और ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं. जंक फूड, डिजिटल स्क्रीन, देर रात जागना, बैठे-बैठे काम करना शरीर में ‘साइलेंट बीमारियों’ को जन्म देता है. ऐसे में सिर्फ हेल्दी खाना या जिम जाना काफी नहीं है. यह जरूरी है कि शरीर की आंतरिक स्थिति की जांच भी समय-समय पर होती रहे, ताकि हम सिर्फ दिखने में ही नहीं, बल्कि अंदर से भी स्वस्थ रहें.

Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

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