रतलाम में चचेरे भाई की हत्या की साजिश रचने और सुपारी देने के मामले में दीपक उर्फ दीपू टांक और विनोद शर्मा को कोर्ट ने 3-3 साल की सजा और 1-1 हजार रुपए जुर्माना लगाया है।अविनाश उर्फ चिंटू टांक और बलवंत सिंह गोयल को कोर्ट ने संदेह का लाभ देते हुए बरी कर
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अपर लोक अभियोजक समरथ पाटीदार के अनुसार घटना 22 मार्च 2021 की है।फरियादी मुकुल पंवार, निवासी विनोबा नगर, ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि जून 2019 में उसका विवाद पिंटू टांक से हुआ था, जिसके बाद दोनों के संबंध खराब हो गए।
जून–जुलाई 2020 में बलवंत उर्फ बल्ली गोयल ने मुकुल को आशापुरा होटल बुलाया। वहाँ दीपू टांक, अविनाश, विनोद और बलवंतसिंह मौजूद थे।दीपू टांक से मुकुल ने 50 हजार रुपए उधार ले रखे थे। इसी दौरान आरोपियों ने मुकुल को उकसाया कि दुश्मन पिंटू टांक को खत्म कर दे, खर्च हम उठाएंगे। दो लाख रुपए अलग से मिलेंगे और पुलिस–कोर्ट सब हम संभाल लेंगे।
मुकुल से पिस्टल दिखाकर हत्या के लिए तैयार करने की कोशिश की गई। लगातार धमकियों से परेशान होकर मुकुल ने थाना दीनदयाल नगर में केस दर्ज कराया।पिंटू टांक वही युवक है, जो दीपू टांक का चचेरा भाई है।
जमीन में छिपाई हुई पिस्टल बरामद शिकायत के बाद पुलिस ने 22 मार्च 2021 को दीपू टांक को गिरफ्तार किया।उसकी निशानदेही पर हवाई पट्टी बंजली इलाके में जमीन खोदकर एक देसी पिस्टल और 4 जिंदा कारतूस जब्त किए गए।साथ ही आरोपी विनोद शर्मा की निशानदेही पर आशापुरा होटल के पीछे से एक और देसी पिस्टल और 4 कारतूस मिले।
पुलिस ने केस में धारा 120बी (साजिश) और 506 (धमकी) सहित अन्य धाराएं बढ़ाते हुए चार्जशीट कोर्ट में पेश की थी।
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