Last Updated:
आपने अपने घर में गुलाब का पौधा तो लगा लिया है, लेकिन अब उसकी सही देखभाल को लेकर असमंजस हो सकता है. ऐसे में क्या करें कि आपका गुलाब का पौधा हरा-भरा रहे और सर्दियों में भी सुंदर फूल दें? इसके लिए हम आपके लिए कुछ बेहतरीन घरेलू खादों की जानकारी लाए हैं, जो आसानी से उपलब्ध हैं. इनसे आपके गुलाब के पौधे स्वस्थ और सुंदर बने रहेंगे.
आपने अपने घर में गुलाब का पौधा तो लगा लिया, लेकिन अब उसकी देखभाल को लेकर असमंजस में हैं? ऐसा क्या किया जाए जिससे पौधा खूब हरा-भरा रहे और सर्दियों में ढेरों गुलाब खिलें? ऐसे में गुलाब के पौधों के लिए कुछ बेहतरीन घरेलू खाद बेहद लाभदायक साबित हो सकती हैं, जो आसानी से उपलब्ध भी हैं. इनका उपयोग करने से आपके गुलाब के पौधे अधिक स्वस्थ, सुंदर और फूलों से लदे हुए नजर आएंगे, जिससे सर्दियों में आपका गार्डन और भी खिला-खिला दिखेगा.

केले के छिलके पोटेशियम से भरपूर होते हैं, जो गुलाब के पौधों के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है. इन्हें सुखाकर पीसकर या पानी में भिगोकर खाद के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है. इसके उपयोग से पौधों की बढ़त बेहतर होती है और कुछ ही दिनों में गुलाब के अधिक और ताजे फूल आने लगते हैं.

अंडे के छिलके कैल्शियम का बेहतरीन स्रोत होते हैं, जो गुलाब के पौधों की जड़ों को मजबूत करने और फूलों के विकास में मदद करते हैं. इन्हें धोकर सुखाएं और पीसकर मिट्टी में मिला सकते हैं. यह पौधों के लिए एक प्राकृतिक खाद का काम करता है और उन्हें सूखने से बचाता है.
Add News18 as
Preferred Source on Google

इस्तेमाल की हुई चाय की पत्ती नाइट्रोजन का अच्छा स्रोत होती है और गुलाब के पौधों को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करती है. इसे मिट्टी में मिलाकर या पानी में भिगोकर इस्तेमाल किया जा सकता है. कई गार्डनिंग प्रेमी इसे प्राकृतिक खाद के रूप में नियमित रूप से इस्तेमाल करते हैं.

पुराने समय से गोबर की खाद एक बेहतरीन जैविक खाद के रूप में उपयोग होती आ रही है. यह नाइट्रोजन, फॉस्फोरस और पोटैशियम से भरपूर होती है और मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने में मदद करती है. हफ्ते में दो-तीन बार एक मुट्ठी गोबर की खाद गमले में डालने से पौधों की उबारक शक्ति बढ़ती है.

छाछ में लाभकारी बैक्टीरिया होते हैं, जो मिट्टी की गुणवत्ता सुधारते हैं और गुलाब के पौधों को पोषक तत्व प्रदान करते हैं. गमले की मिट्टी में थोड़ी मात्रा में छाछ डालकर इसका उपयोग किया जा सकता है. ध्यान रखें कि इसे ज्यादा मात्रा में न डालें और जरूरत के अनुसार समय-समय पर ही इस्तेमाल करें.

अगर गुलाब के पौधे में फूल नहीं आ रहे हैं या वह जल्दी सूख जाता है, तो प्याज के छिलकों से बना फर्टिलाइज़र इस्तेमाल किया जा सकता है. घर में अक्सर फेंके जाने वाले प्याज के छिलकों को सुखाकर या मिट्टी में अच्छी तरह मिलाकर पौधे की मिट्टी में डालें. इससे मिट्टी में नमी बनी रहती है और पौधा जल्दी सूखता नहीं है.

नीम की पत्तियां मिट्टी को कीटाणुरहित करने और कीटों को दूर रखने में मदद करती हैं. इन्हें खाद में मिलाकर या पानी में भिगोकर इस्तेमाल किया जा सकता है. इसका उपयोग पेड़ों के लिए फायदेमंद होता है क्योंकि यह पौधों को कीटनाशकों से बचाता है और किसी भी तरह की बीमारी से सुरक्षा प्रदान करता है.

घर में लकड़ी जलाने के बाद बची राख को अपने पेड़-पौधों में इस्तेमाल किया जा सकता है. लकड़ी की राख में पोटैशियम और फॉस्फोरस पाया जाता है, जो फूलों के विकास में मदद करता है. इसे मिट्टी में मिलाकर या पानी में घोलकर इस्तेमाल किया जा सकता है.

फिटकरी में एंटीसेप्टिक और एंटीफंगल गुण पाए जाते हैं. एक लीटर पानी में लगभग 5 ग्राम फिटकरी डालकर इसे रात भर छोड़ दें. अगली सुबह इस पानी का उपयोग गुलाब के पौधों में करें. इससे पौधे की उम्र बढ़ती है और यह स्वस्थ, खिले हुए गुलाब के फूल देता है.
.