खाने के लिए देशभर में प्रसिद्ध इंदौर के सराफा बाजार में आज से केवल 80 दुकानें ही संचालित होंगी। इन 80 दुकानों पर पारंपरिक व्यंजन मिलते हैं और ये लंबे समय से लग रही हैं। फूड स्टॉल, चाइनीज व्यंजन और मोमोज की दुकानों को हटाया जाएगा। नगर निगम ने इसके लिए
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नगर निगम और व्यापारी एसोसिएशन की बैठक में निर्णय लिया गया कि सराफा चौपाटी पर अब केवल पूर्व से स्थापित और पारंपरिक 80 दुकानों को ही कार्य करने की अनुमति दी जाएगी। बीते दिनों यहां बड़ी संख्या में नई दुकानें खुलने लगी थीं, जिससे व्यवस्था प्रभावित हो रही थी। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सराफा अपनी ऐतिहासिक मिठाइयों और व्यंजनों के लिए जाना जाता है, इसलिए उसकी मूल पहचान को सुरक्षित रखना आवश्यक है।
नगर निगम के अपर आयुक्त रोहित सिसोनिया ने बताया कि जिन 80 दुकानदारों को अनुमति मिली है, उन्हें स्वच्छता का विशेष ध्यान रखना होगा। निगम ने सुरक्षा व्यवस्था से लेकर सफाई तक के लिए कुछ बिंदु तय किए हैं, जिनका पालन करना सभी व्यापारियों के लिए अनिवार्य होगा।
मारपीट के बाद व्यापारियों ने जताया विरोध
इंदौर की सराफा चौपाटी में बीते सोमवार देर रात दो व्यापारी भिड़ गए। ग्राहक को लेकर दोनों में जमकर थप्पड़-घूंसे और चिमटे चले। मारपीट के बाद इंदौर चांदी-सोना जवाहरात व्यापारी एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि सराफा चौपाटी से जुड़े मुद्दों को लेकर पहले भी मांग उठाई गई और इस संबंध में एक कमेटी भी बनाई गई थी। इसके बावजूद चौपाटी का मसला अब तक हल नहीं हो सका है।
सराफा टीआई राजकुमार लिटोरिया ने बताया कि व्यापारी राजीनामा करने का कह रहे थे, लेकिन पुलिस क्षेत्र में किसी भी तरह से शांतिभंग बर्दाश्त नहीं करेगी। मामले में कैलाश गुर्जर निवासी जनता कॉलोनी बड़ा गणपति और दिनेश व्यास निवासी शक्कर बाजार के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
एसोसिएशन पदाधिकारी व कमेटी सदस्य अजय लाहोटी का कहना है कि दीपावली के बाद ही हमें इस पर निर्णय लेना था। इस तरह की मारपीट से सराफा का नाम खराब हो रहा है। इसलिए इस मामले को जल्द से जल्द निपटाया जाना जरूरी है।