गट हेल्थ के 8 धांसू टिप्स: रोज पोटी जाना जरूरी नहीं, डॉक्टर ने बताए 8 गजब सीक्रेट्स, जानिए कैसे रखें पाचन और मूड एकदम फिट

How to improve gut health: आजकल हर जगह गट हेल्थ की बातें हो रही हैं. इंस्टाग्राम से लेकर यूट्यूब तक हर कोई गट हेल्थ के बारे में कुछ न कुछ शेयर कर रहा है. लेकिन इतनी जानकारी के बीच समझ नहीं आता कि असल में क्या सही है और क्या सिर्फ ट्रेंडिंग है. ऐसे में स्टैनफोर्ड और हार्वर्ड से ट्रेनिंग पाए डॉ. सौरभ सेठी ने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में 8 ऐसे सीक्रेट्स शेयर किए हैं जिन्हें वो किसी से छुपाना नहीं चाहते. उन्होंने बताया कि गट हेल्थ को सही रखना सिर्फ पाचन के लिए ही नहीं बल्कि मूड, नींद, इम्यूनिटी और पूरे हेल्थ के लिए जरूरी है. सही गट हेल्थ से दिमाग भी हेल्दी रहता है और दिनभर एनर्जी बनी रहती है. डॉ. सेठी कहते हैं कि अगर आप इन छोटे-छोटे टिप्स को डेली लाइफ में शामिल कर लें तो गट ब्रेन कनेक्शन मजबूत होता है और कई हेल्थ प्रॉब्लम्स दूर हो सकती हैं.

डॉ. सेठी के 8 गट हेल्थ टिप्स

1. गट आपके दिमाग को भी कंट्रोल करता है
डॉ. सेठी कहते हैं कि हमारे शरीर का 90% सेरोटोनिन गट में बनता है. अगर डाइजेशन सही नहीं रहेगा तो मूड भी खराब रह सकता है.

2. हल्का हरा केला ज्यादा हेल्दी है
थोड़ा कच्चा यानी ग्रीनिश केला रेजिस्टेंट स्टार्च से भरपूर होता है जो अच्छे बैक्टीरिया को फीड करता है और ब्लड शुगर को कंट्रोल में रखता है.

3. हर्ब्स और मसाले डेली खाएं
हल्दी, अदरक और सौंफ सिर्फ फ्लेवर के लिए नहीं बल्कि इंफ्लेमेशन कम करने और डाइजेशन सुधारने में मदद करते हैं. डॉ. सेठी खुद इन्हें रोज लेते हैं.

4. स्ट्रेस से गट हेल्थ बिगड़ती है
वागस नर्व गट और ब्रेन को जोड़ती है. ज्यादा स्ट्रेस से डाइजेशन स्लो हो जाता है जिससे ब्लोटिंग और कब्ज की दिक्कत बढ़ती है.

5. फर्मेंटेड फूड्स को डाइट में शामिल करें
किमची, दही, केफिर और सॉवरक्राउट गट को अच्छे बैक्टीरिया देते हैं. ये ब्लोटिंग कम करते हैं, इम्यूनिटी बढ़ाते हैं और ब्रेन फंक्शन तक सुधारते हैं.

6. बेरीज हैं बेस्ट प्रीबायोटिक
ब्लूबेरी, रास्पबेरी और अनार गट को फ्यूल देते हैं और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस कम करते हैं. ये बाजार के प्रोबायोटिक सप्लीमेंट से ज्यादा असरदार हैं.

7. रोज पोटी जाना जरूरी नहीं
डॉ. सेठी कहते हैं कि रोज पोटी जाना जरूरी नहीं है. लेकिन ज्यादा जोर लगाना भी नहीं चाहिए. हफ्ते में 3 बार से लेकर दिन में 3 बार तक जाना नॉर्मल है. लेकिन अगर दर्द, ब्लोटिंग या स्ट्रेन हो तो डॉक्टर से बात करें.

8. गट हेल्थ सिर्फ ट्रेंड नहीं है
ये हमारी हेल्थ की नींव है. गट ठीक रखने से मूड, नींद, डाइजेशन और इंफ्लेमेशन सब कंट्रोल में रहते हैं और अपेटाइट भी बैलेंस रहता है.

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