Sagar News: राम राजा सरकार की नगरी ओरछा को बुंदेलखंड की अयोध्या कहा जाता है. जल्द ही यूनेस्को द्वारा इसे विश्व धरोहर की सूची में शामिल किया जाना प्रस्तावित है. ओरछा में हर साल लाखों पर्यटक आते हैं और इनमें विदेशी टूरिस्ट की संख्या भी खूब होती है. लेकिन, अब ओरछा की कनेक्टिविटी को और बेहतर बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है, ताकि इस धार्मिक नगरी तक अधिक से अधिक पर्यटक आसानी से पहुंच सकें.
दरअसल, ओरछा के पास से दो नेशनल हाईवे गुजरते हैं, जिसमें एक झांसी-ललितपुर-सागर नेशनल हाईवे 44 है. दूसरा झांसी, मऊरानीपुर, टीकमगढ़, खजुराहो नेशनल हाईवे 39 है. अब इन्हीं नेशनल हाईवे की कनेक्टिविटी करने के लिए 15 किलोमीटर लंबा ओरछा ग्रीनफील्ड लिंक हाईवे बनाया जा रहा है, जिसमें करीब 658 करोड़ का खर्चा आ रहा है. इन दोनों नेशनल हाईवे के जुड़ने के बाद एक तो आवागमन सरल और सुलभ हो जाएगा. दूसरा पर्यटन के रूप में इस क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा, जिसकी वजह से आर्थिक समृद्धि भी होगी.
हाईवे जोड़ने की मांग पुरानी
यह 15 किलोमीटर लंबा ग्रीन फील्ड हाईवे लगभग 11 गांव से होकर गुजरेगा. इसकी वजह से इन गांव की भी दिशा और दशा बदल जाएगी. बेहतर कनेक्टिविटी की वजह से उद्योग-धंधों को बढ़ावा मिलेगा. साथ ही होटल, रिसोर्ट, रेस्टोरेंट, स्कूल, प्रोसेसिंग यूनिट, होम स्टे जैसी गतिविधियां रोजगार के नए विकल्प बन सकती हैं. बता दें कि झांसी खजुराहो नेशनल हाईवे 39 बनने के बाद से ही इसको झांसी सागर नेशनल हाईवे 44 से कनेक्ट करने की मांग स्थानीय स्तर से उठ रही थी.
11 गांवों से होकर गुजरेगा हाईवे
वनगांय खास गांव से शुरू होकर मजरा वन गांय, जमुनिया खास, रुद मकोरा, रामनगर, ढिमर पुरा, कुंअरपुरा, बबेडी प्रतापपुरा, जमुनिया भाटा, गुजर्रा खुर्द, मथुरा पुरा व सैन्यर गांवों से होकर गुजरेगा.
मंदिर के अलावा एक किला भी
पर्यटन और धार्मिक नगरी ओरछा में भगवान रामलला सरकार का दिव्य और भव्य मंदिर है. यहां रोजाना सुबह-शाम चार गार्ड सलामी देते हैं. दूसरी तरफ बुंदेला राजाओं द्वारा बनवाया गया विशाल भव्य और ऐतिहासिक किला बेतवा नदी के किनारे स्थित है. इस परिसर में राजा महल, जहांगीर महल और शीश महल स्थित है. यहां पर 16वीं सदी के भित्ति चित्रों के लिए प्रसिद्ध है. झांसी और खजुराहो से अच्छी कनेक्टिविटी होने से रोजाना हजारों की संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं.
.