वैसे खुद प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली पर आरोप लगा कि वो अपने रिश्तेदारों, नजदीकियों और परिचित नेताओं के बच्चों को फायदे देने की रेवड़ियां बांट रहे हैं. खुद भ्रष्टाचार में डूबते जा रहे हैं. कुछ सोशल मीडिया पोस्ट्स में दावा किया गया कि ओली के करीबी नेताओं के बच्चे सरकारी ठेकों और नौकरियों में प्राथमिकता पा रहे थे, जबकि आम युवाओं को रोजगार के लिए संघर्ष करना पड़ रहा था. सोशल मीडिया पर ऐसी कहानियां खूब वायरल हुईं.
पहला किस्सा – बेटे को मंत्रालय में बड़ा अफसर बना दिया
नेपाल के बड़े राजनीतिक परिवारों में से एक से जुड़ी है ये कहानी. एक बड़े नेता के बेटे को बिना उपयुक्त योग्यता के सरकारी मंत्रालय में ऊंचे पद पर नियुक्ति दे दी गई. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह नियुक्ति बिना उचित प्रक्रिया के हुई. जनता में जब ये बात फैली कि ये नियुक्ति केवल राजनीतिक परिवार के प्रभाव के कारण हुई है. तो सरकारी सेवा प्रणाली की निष्पक्षता पर सवाल उठने लगे.
दूसरा किस्सा – ग्लैमर इंडस्ट्री में नेपो किड्स का वर्चस्व
नेपाल की फिल्म इंडस्ट्री में एक उभरती अभिनेत्री के पिता मशहूर राजनेता थे. वह बिना किसी एक्टिंग ट्रेनिंग या अनुभव के बड़ी फिल्म में प्रमुख भूमिका के लिए चुनी गई. वहीं दूसरी ओर प्रतिभाशाली लेकिन गरीब परिवार से आने वाले कलाकारों को बड़े रोल्स के लिए चप्पले घिंसनी पड़ती हैं.
युवा कलाकारों ने खुलकर विरोध किया. कई ने सोशल मीडिया पर वीडियो बनाए. यह बहस फिल्म इंडस्ट्री में नेपो किड्स की बढ़ती प्रवृत्ति पर केंद्रित हो गई. कुछ बड़े निर्माताओं ने मजबूर होकर नई ऑडिशन पॉलिसी बनाई लेकिन पारिवारिक प्रभाव का असर नहीं रुका.
किस्सा तीन – बैंक लोन और कॉन्ट्रैक्ट घोटाले
मीडिया और जन आंदोलनों के दबाव से यह मामला लंबे समय तक सुर्खियों में रहा. आम जनता में गहरी नाराजगी देखने को मिली. बैंकिंग सिस्टम में पारदर्शिता की मांगें तेज हुईं. सरकार ने सुधार के नाम पर नए नियम तो बनाए, लेकिन वास्तविक बदलाव कमजोर साबित हुए.
नेपाल में हिंसा से मची तबाही.
किस्सा चार – कोलिशन पार्टनर्स के परिवारों को लाभ
ओली की सरकार नेपाली कांग्रेस के नेताओं के परिवारों को प्रमोट किया गया. श्रेया कार्की (राम चंद्र कार्की, पूर्व मंत्री और नेपाली कांग्रेस नेता की बेटी), विवेक शर्मा (जनार्दन शर्मा, पूर्व वित्त मंत्री और माओवादी नेता के बेटे), और तारा थापा (अर्जुन नरसिंह केसी, पूर्व मंत्री और नेपाली कांग्रेस नेता की बेटी) जैसे नेपो किड्स को राजनीतिक या सामाजिक अवसर मिलने की आलोचना हुई. ये सभी ओली की कोलिशन सरकार से जुड़े थे. अप्रैल 2024 में रिपोर्ट्स में कहा गया कि ओली ने पार्टी में अपने करीबियों के रिश्तेदारों को प्रमोट किया, जैसे कि पदों या व्यावसायिक अवसरों में. इससे पार्टी में फूट पड़ गई.
किस्सा पांच – मिस नेपाल श्रिंखला खटिवाड़ा का मामला
किस्सा 6 – एक युवा की दर्दनाक मौत
नेपाल में एक युवा लड़की उषा गरीब परिवार से थी. उसको एक सरकारी अधिकारी के बेटे ने कथित रूप से सड़क पर कुचल दिया. इस घटना ने पूरे देश में आक्रोश पैदा किया. उषा की मौत ने युवाओं में गहरी नाराजगी और असमानता के खिलाफ संघर्ष की भावना को जागृत किया. इसने “नेपो किड्स” के खिलाफ आंदोलन को और भी बल दिया.
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