500 करोड़ का पोषण आहार घोटाला, पूर्व CS इकबाल बैस पर शिकंजा

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MP Scam News : मध्यप्रदेश में 500 करोड़ के पोषण आहार घोटाला मामले ने नया मोड़ ले लिया है. व्यापम के व्हिसलब्लोअर और पूर्व कांग्रेस विधायक पारस सकलेचा ने आरोप लगाते हुए मामले की सीबीआई से जांच कराने की मांग की है.

500 करोड़ का पोषण आहार घोटाला, पूर्व CS इकबाल बैस पर शिकंजारतलाम के पूर्व विधायक पारस सखलेचा ने गंभीर आरोप लगाए हैं.
रतलाम. लोकायुक्त भोपाल ने पारस सकलेचा की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए पूर्व CS इकबाल सिंह बैस और आजीविका मिशन के पूर्व CEO ललित मोहन बेलवाल के खिलाफ पोषण आहार घोटाला मामले में प्रकरण दर्ज किया है. मध्यप्रदेश के बहुचर्चित पोषण आहार घोटाले ने एक बार फिर से राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में सनसनी मच गई है. व्यापम के व्हिसलब्लोअर और कांग्रेस नेता पारस सकलेचा ने आरोप लगाया कि इस घोटाले का पैसा विदेश, सोमालिया सहित अन्‍य देशों में निवेश किया गया होगा. पारस सकलेचा ने इस मामले में सीएम मोहन यादव से सीबीआई जांच की मांग की है.
उन्‍होंने आशंका जताई कि जब इनकम टैक्स विभाग की रेड में भोपाल के भू माफिया राजेश शर्मा और पूर्व मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैस के लिंक मिले और सकलेचा ने दावा किया कि राजेश शर्मा के पास से दस्तावेज मिले हैं, जिनमें सोमालिया के सांसद के माध्यम से निवेश की जानकारी दर्ज है. उनका कहना है कि अगर पैसा वास्तव में विदेश गया है तो यह मनी लॉन्ड्रिंग का मामला भी बन सकता है. दोनों अधिकारियों से संबंधित दस्तावेज जुटाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है. इस घोटाले का खुलासा CAG की रिपोर्ट में हुआ था. रिपोर्ट के अनुसार, 2019 से 2022 के बीच मध्यप्रदेश के 8 जिलों में पोषण आहार उत्पादन, वितरण और प्रदाय में गड़बड़ी हुई और करीब 500 करोड़ रुपये का भ्रष्टाचार सामने आया है. रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि राशन वितरण में फर्जीवाड़ा हुआ और कुपोषित बच्चों तक पोषाहार की गुणवत्ता नहीं पहुंची.

सिर्फ प्रदेश का नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर का घोटाला
राजनीतिक हलकों में यह घोटाला व्यापम घोटाले के बाद सबसे बड़ा भ्रष्टाचार मामला बताया जा रहा है. कांग्रेस नेता पारस सकलेचा ने जोर देकर कहा कि यह सिर्फ प्रदेश का नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर का घोटाला है. उन्होंने सीबीआई जांच की मांग दोहराई है. उन्‍होंने मुख्‍यमंत्री मोहन यादव को पत्र भेजा है. उन्‍होंने कहा है कि यह 500 करोड़ का नहीं, हजारों करोड़ का मामला है. यह आंकड़ा केवल 8 जिलों की जांच के बाद सामने आया था, लेकिन इसमें अन्‍य जिलों की जांच शामिल नहीं है. सीबीआई सभी जिलों की जांच करेगी तो यह हजारों करोड़ का घोटाला निकलेगा. इसके दोषियों ने मासूम और गरीब बच्‍चों से मुंह का निवाला छीना है. इसकी जांच हो ताकि मामले में सच सामने आए. इस घोटाले के खुलासे ने आगामी विधानसभा सत्र और चुनावी रणनीति पर भी असर डालने की संभावना बढ़ा दी है.

जैसे बिहार में ‘चारा घोटाला’ हुआ था… 
CAG रिपोर्ट के मुताबिक, महिला एवं बाल विकास विभाग में हजारों टन राशन को ट्रकों पर ढोया जाना दिखाया गया. चौंकाने वाली बात यह है कि इन ट्रकों के रूप में जिन वाहनों के नंबरों का इस्तेमाल किया गया, वे असल में मोटरसाइकिल, कार, ऑटो और टैंकरों के निकले. इस तरह हेराफेरी को उसी तरह अंजाम दिया गया है, जैसे बिहार में ‘चारा घोटाला’ हुआ था. गौरतलब है कि यह विभाग उस समय तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के पास ही था.

Sumit verma

सुमित वर्मा, News18 में 4 सालों से एसोसिएट एडीटर पद पर कार्यरत हैं. बीते 3 दशकों से सक्रिय पत्रकारिता में अपनी अलग पहचान रखते हैं. देश के नामचीन मीडिया संस्‍थानों में सजग जिम्‍मेदार पदों पर काम करने का अनुभव. प…और पढ़ें

सुमित वर्मा, News18 में 4 सालों से एसोसिएट एडीटर पद पर कार्यरत हैं. बीते 3 दशकों से सक्रिय पत्रकारिता में अपनी अलग पहचान रखते हैं. देश के नामचीन मीडिया संस्‍थानों में सजग जिम्‍मेदार पदों पर काम करने का अनुभव. प… और पढ़ें

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