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Diabetes health tips : अगर यही लोग अगले पांच सालों में सतर्क नहीं हुए तो इनमें से 50 प्रतिशत को डायबिटीज होने का पूरा खतरा है. लोकल 18 से बात करते हुए हिंद इंस्टीट्यूट के एसोसिएट प्रोफेसर (मेडिसिन) के डॉ. अजय तिवारी बताते हैं कि 35 साल की उम्र के बाद हर व्यक्ति को प्री-डायबिटीज की जांच जरूर करा लेनी चाहिए.
Sugar se bachne ke upay/कानपुर. शुगर को अक्सर लोग लाइलाज बीमारी मानते हैं, लेकिन डॉक्टर कहते हैं कि सही समय पर सावधानी बरत ली जाए तो इसे आने से भी रोका जा सकता है और नियंत्रित भी रखा जा सकता है. इंडियन काउंसिल फॉर मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) की हाल में आई इन-डायब रिपोर्ट ने यूपी के लिए खतरे की घंटी बजा दी है. रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश में करीब 18 प्रतिशत लोग (लगभग पांच करोड़ आबादी) इंटरमीडिएट हाइपरग्लाइसीमिया यानी प्री-डायबिटीज से जूझ रही है. फास्टिंग शुगर 100 तक और खाने के बाद 140 तक सामान्य माना जाता है. एचबीवनएसी 5.6 से ऊपर आने पर सावधानी जरूरी है. देश में कुल आबादी का 11.9 प्रतिशत शुगर से पीड़ित है, जबकि यूपी में यह आंकड़ा 4.8 प्रतिशत है.
इन चीजों से बढ़ा रहा खतरा
डॉ. तिवारी बताते हैं कि आईसीएमआर की रिपोर्ट में ये भी सामने आया है कि कम नींद लेना और सुबह का नाश्ता छोड़ना, दोनों ही आदतें शुगर बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभाती हैं. जो लोग रोजाना 6–8 घंटे की नींद नहीं लेते और नाश्ता करने से बचते हैं, उनमें डायबिटीज का खतरा 30 प्रतिशत तक बढ़ जाता है. इसलिए पर्याप्त नींद और सुबह का नाश्ता किसी भी हालत में नहीं छोड़ना चाहिए. शरीर को आराम भी चाहिए और ऊर्जा भी. जब नींद कम होती है या नाश्ता नहीं किया जाता, तो शरीर में हार्मोनल बदलाव होने लगते हैं, जिससे शुगर का स्तर बढ़ता है.
ये बदलाव जरूरी
डॉक्टरों के अनुसार प्री-डायबिटीज से बचना मुश्किल नहीं है, बस जीवनशैली में कुछ बदलाव करने होंगे. वजन 6–8 प्रतिशत तक कम करें. वजन थोड़ा भी घटेगा तो शुगर आने की संभावना कम हो जाएगी. रंगीन सब्जियां और फल अधिक खाएं. ये शरीर को विटामिन, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट देते हैं, जिससे शुगर नियंत्रण में रहती है. हफ्ते में पांच दिन 30 मिनट की वॉक करें. तेज चाल से चलना शरीर की इंसुलिन क्षमता को बेहतर बनाता है. दंड बैठक, वेट लिफ्टिंग, पुशअप जैसी एक्सरसाइज अपनाएं. ये गतिविधियां शरीर की मांसपेशियों को मजबूत करके शुगर को नियंत्रित रखती हैं. रोजाना 6–8 घंटे की नींद जरूर लें. यह शरीर की मरम्मत और हार्मोन संतुलन के लिए बेहद जरूरी है.
ये सबसे बड़ा इलाज
विशेषज्ञों का कहना है कि प्री-डायबिटीज अंतिम चेतावनी है. अगर इस समय सचेत हो जाएं तो डायबिटीज आने से रोकी जा सकती है, लेकिन अनदेखी की गई तो आने वाले समय में दिक्कतें बढ़ सकती हैं. इसलिए थोड़ी सी जागरूकता, नियमित चेकअप, संतुलित भोजन और एक्टिव लाइफस्टाइल अपनाकर शुगर को खुद से दूर रखा जा सकता है.
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Priyanshu has more than 10 years of experience in journalism. Before News 18 (Network 18 Group), he had worked with Rajsthan Patrika and Amar Ujala. He has Studied Journalism from Indian Institute of Mass Commu…और पढ़ें