वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, सालिनास एक हाई-प्रोफाइल ‘लोन-टू-ओन’ स्कैम का शिकार हो गए, जिसे खुद को अमेरिकी इतिहास के सबसे अमीर व्यक्ति जॉन जैकब ऐस्टर के वंशज बताने वाले ठगों ने अंजाम दिया. फर्जी ‘एस्टर कैपिटल फंड’ को ऐस्टर परिवार की प्रतिष्ठा से जोड़कर पेश किया गया, जबकि इसका असल ऐस्टर फैमिली से कोई लेना-देना नहीं था.
कैसे हुई स्कैम की शुरुआत?
कंपनी के फ्रंटमैन ‘थॉमस ऐस्टर मेलोन’ ने सिर्फ 1.15% ब्याज दर पर लोन देने की पेशकश की. उन्होंने एक पेशेवर वेबसाइट, शेर की मोहर वाला लोगो और ब्रांडेड ऑफिस वाला वीडियो दिखाकर भरोसा जीत लिया. लेकिन असलियत कुछ और ही थी. ‘थॉमस ऐस्टर मेलोन’ कोई और नहीं, बल्कि एलेक्सी स्काचकोव था… एक यूक्रेनी अपराधी, जो अब जॉर्जिया में रहता है और उस पर दवा से जुड़ी धोखाधड़ी और आभूषण चोरी जैसे मामले दर्ज हैं.
मास्टरमाइंड कौन था?
जैसे ही इलेक्ट्रा के 400 मिलियन डॉलर के शेयर स्क्लारोव के हाथ आए, उन्होंने उन्हें बाजार में बेच दिया. नतीजतन, जुलाई 2024 में इलेक्ट्रा के शेयरों में 71% की भारी गिरावट आई, जिससे सालिनास की संपत्ति से $5.5 अरब और इलेक्ट्रा की मार्केट वैल्यू से $4 अरब का नुकसान हुआ.
कहां गया इतना पैसा?
2021 में ही इलेक्ट्रा के शेयरों में असामान्य हलचल देखी गई थी, लेकिन एस्टर कैपिटल की तरफ से दिए गए आश्वासन, न्यू यॉर्क के ब्रांडेड ऑफिस का दौरा और पेशेवर रवैये ने सभी शंकाओं को दबा दिया.
सालिनास अकेले शिकार नहीं
वॉल स्ट्रीट जर्नल के मुताबिक, रिकार्डो सालिनास जैसे कई निवेशक इस धोखाधड़ी का शिकार हुए हैं. स्क्लारोव ने कथित तौर पर अमेरिका, ब्रिटेन और एशिया के उधारकर्ताओं के कुल $750 मिलियन मूल्य के स्टॉक्स पर कब्जा कर लिया था.
वर्तमान में स्क्लारोव यूनान में अपनी ‘इन्चैंटमेंट’ नामक याट पर रह रहा है. उसने किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी से इनकार किया है और कहा है कि निवेशकों को पहले ही बताया गया था कि उनके शेयर तीसरे पक्ष को दिए जा सकते हैं.
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