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How To Prevent Cervical Cancer: सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में होने वाला जानलेवा कैंसर है. इसे समय पर पहचानकर रोका जा सकता है. इसके रोकथाम के लिए एचपीवी वैक्सीन भी आप लगवा सकते हैं. इस कैंसर का खतरा हर उम्र में अलग-अलग होता है. किस उम्र में आपको ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है, चलिए यहां डॉक्टर से जानते हैं
सर्वाइकल कैंसर महिलाओं के रि-प्रोडक्शन ऑर्गन में होने वाला जानलेवा कैंसर है. इस कैंसर के सेल्स यूट्रस और वेजाइना को जोड़ने वाले हिस्से सर्विक्स में होता है. ये कैंसर दुनियाभर की महिलाओं में होने वाला चौथा सबसे कॉमन कैंसर है. हालांकि इसे समय रहते पहचानकर और करके आसानी से रोका जा सकता है.
भंगेल सीएचसी की सीनियर मेडिकल ऑफिसर और गायनेकोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. मीरा पाठक के मुताबिक इससे बचने के लिए सबसे जरूरी है यह जानना कि कौन सी उम्र में इस कैंसर का रिस्क सबसे ज्यादा होता है ताकि सही टेस्ट और उपचार से इसे रोका जा सके.
किस उम्र में सर्वाइकल कैंसर का खतरा ज्यादा
डॉ. मीरा पाठक बताती हैं कि सर्वाइकल कैंसर आमतौर पर 35 से 55 साल की उम्र की महिलाओं में ज्यादा देखा जाता है. हालांकि, 40 से 50 साल के बीच की महिलाएं इसका सबसे ज्यादा शिकार होती हैं. अगर इस उम्र में किसी महिला को संबंध के बाद ब्लीडिंग (पोस्ट कॉइटल ब्लीडिंग) या संबंध के दौरान दर्द (पोस्ट कॉइटल पेन) जैसी शिकायत होती है, तो यह सर्वाइकल कैंसर के सबसे कॉमन लक्षण माने जाते हैं.
सर्वाइकल कैंसर को रोकने के उपाय
डॉ. पाठक कहती हैं कि सर्वाइकल कैंसर को आसानी से रोका जा सकता है. इसके लिए समय रहते स्क्रीनिंग और वैक्सीनेशन जरूरी है. इसके दो मुख्य तरीके हैं-
पहला- पैप स्मीयर टेस्ट हर उस महिला को करना चाहिए जो सेक्सुअली एक्टिव हो चुकी है. इस टेस्ट में सैंपल माउथ ऑफ सर्विक्स से लिया जाता है. यह टेस्ट हर तीन साल में किया जाना चाहिए. यदि 65 साल तक लगातार पैप स्मीयर नॉर्मल आता रहे, तो उसके बाद यह टेस्ट बंद किया जा सकता है.
दूसरा- एचपीवी डीएनए टेस्टिंग जो यह पता लगाने में मदद करता है कि महिला को ह्यूमन पेपिलोमा वायरस (एचपीवी) का इन्फेक्शन तो नहीं है. एचपीवी वायरस ही सर्वाइकल कैंसर का सबसे बड़ा कारण माना जाता है. इस टेस्ट को भी माउथ ऑफ सर्विक्स से सैंपल लेकर किया जाता है. अगर 30 साल की उम्र से यह टेस्ट शुरू किया जाए तो हर पांच साल पर दोबारा टेस्ट कर सकते हैं. इस टेस्ट के साथ पैप स्मीयर भी कराई जा सकती है.
इसके अलावा, एचपीवी वैक्सीन भी सर्वाइकल कैंसर से बचाव में बहुत मददगार है. वैक्सीन को यौन गतिविधि शुरू होने से पहले लगवाना सबसे सुरक्षित माना जाता है. डॉ. पाठक कहती हैं कि शुरुआत में हल्की ब्लीडिंग या दर्द को हल्के में न लें. समय पर जांच और टेस्ट कराना ही इस कैंसर को रोकने का सबसे बड़ा हथियार है.
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शारदा सिंह बतौर सीनियर सब एडिटर News18 Hindi से जुड़ी हैं. वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्यू पर आधारित रिपोर्ट्स बनाने में एक्सपर्ट हैं. शारदा पिछले 5 सालों से मीडिया …और पढ़ें
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