Egg Prices Down: ‘एग सिटी’ के नाम से मशहूर नमक्कल (तमिलनाड़ु) के पोल्ट्री किसान इन दिनों काफी परेशान हैं. उन्हें शहर में बेहद कम कीमत पर अंडे बेचने पड़ रहे हैं. पश्चिमी एशिया में जारी तनाव का असर यहां अंडों के एक्सपोर्ट पर पड़ा है. यूनाइटेड अरब अमीरात (UAE) को एक्सपोर्ट किए गए करीब 3.5 करोड़ अंडे बीच रास्ते फंसे हुए हैं.
28 फरवरी को करीब 70 कंटेनरों में लोड होकर करीब 3.5 करोड़ अंडे खाड़ी देशों के लिए निकले थे, लेकिन लाल सागर और मिडिल ईस्ट में जारी जंग के चलते जहाज बीच रास्ते फंसे हुए हैं. करीब 70 कंटेनरों में से हर एक में करीब पांच लाख अंडे थे. हर अंडे की अनुमानित कीमत 4.80 रुपये है. इस हिसाब से लगभग 16-17 करोड़ का माल दांव पर लगा है. ऊपर से कंटेनर का किराया और ईंधन पर आया खर्च अलग से है. एक्सपोर्ट रुकने से नमक्कल में पोल्ट्री इंडस्ट्री पर बहुत बुरा असर पड़ा है.
किसानों को क्यों हो रहा नुकसान?
नमक्कल भारत के कुल अंडे के निर्यात का 95 परसेंट संभालता है. यहां से बड़े पैमाने पर अंडे ओमान, कतर, बहरीन, कुवैत जैसे खाड़ी देशों में भेजे जाते हैं. नमक्कल में रोजाना 6-7 करोड़ अंडे का उत्पादन होता है. इनमें से जो अंडे अब विदेश जाने थे, सारे घरेलू बाजार में जमा हो रहे हैं. यानी कि घरेलू स्तर पर अंडे की आवक अचानक से ज्यादा हो गई है, स्टॉक पर स्टॉक जमा होते जा रहे हैं.
अब चूंकि अंडे की शेल्फ लाइफ भी बहुत कम होती. खासकर तापमान बढ़ने से अंडे जल्दी खराब हो जाते हैं. ऐसे में किसान इन्हें कम से कम कीमत पर बेचने के लिए मजबूर हो रहे हैं. जहां एक अंडे पर लागत करीब 4.5-5 रुपये बैठती है. वहीं, अब ये 3.5 रुपये में बेचे जा रहे हैं, जिससे किसानों को सीधे-सीधे घाटा हो रहा है. अगर एक्सपोर्ट जल्द शुरू नहीं हुआ, तो कई छोटे पोल्ट्री फर्म बंद होने की कगार पर पहुंच सकते हैं.
करोड़ों का हो रहा घाटा
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, एग एंड पोल्ट्री प्रोडक्ट्स एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के सेक्रेटरी जहान आर ने कहा कि इंटरनेशनल मार्केट में अनिश्चितता के कारण पिछले हफ्ते फार्मगेट प्राइस में लगभग 50 पैसे की गिरावट आई है. उन्होंने कहा, ”एक अंडे की प्रोडक्शन कॉस्ट लगभग 5 रुपये है, जिसमें फीड और दूसरे खर्च शामिल हैं. किसान अब अंडे लगभग 3.50 में बेच रहे हैं, जिससे हर अंडे पर 1.50 का नुकसान हो रहा है.” उन्होंने कहा कि इस इलाके में रोजाना लगभग सात करोड़ अंडे का प्रोडक्शन होता है, जिससे पोल्ट्री सेक्टर को हर दिन लगभग 10.5 करोड़ का नुकसान हो सकता है।
एक्सपोर्टर्स UAE तक पहुंचने के लिए दूसरे रास्ते तलाशने के लिए शिपिंग कंपनियों से बात कर रहे हैं. हालांकि, उन्होंने कहा कि शिपिंग लाइनें रिस्क लेने से हिचकिचा रही हैं.
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