28 साल पहले हाथ में थे सिर्फ अंडे, आज टर्नओवर करोड़ों के करीब, श्रवण देवांगन की मेहनत ने बदली किस्मत

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Raipur News: श्रवण कुमार देवांगन ने कांकेर के चारामा में सिर्फ 600 अंडों से अपना कारोबार शुरू किया. लगातार संघर्ष और मेहनत से आज वह ‘देवांगन एग हाउस’ के मालिक हैं, जहां हर दो-तीन दिन में 5.40 लाख अंडे बिकते हैं.

रायपुर. कहते हैं मेहनत और लगन से किया गया काम एक दिन बड़ी पहचान दिलाता है. इसका जीता-जागता उदाहरण हैं, कांकेर जिले के चारामा शहर के रहने वाले श्रवण कुमार देवांगन, जिन्होंने करीब 28 वर्ष पहले सिर्फ 600 अंडों से अपना सफर शुरू किया था. शुरुआत में हालात इतने आसान नहीं थे. श्रवण बाजार-बाजार घूमकर अंडे बेचते थे और रोज़ाना 200 से 400 अंडों की बिक्री भी बड़ी बात मानी जाती थी.

संघर्ष के दौर में उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और धीरे-धीरे एक छोटे गुमटी से अपने कारोबार की नींव रखी. आज वही गुमटी उनके लिए सफलता की सीढ़ी बन चुकी है. श्रवण कुमार का ‘देवांगन एग हाउस’ अब इलाके में अंडे की सबसे बड़ी दुकानों में गिना जाता है. वे धमतरी से चारामा और आसपास के बाजारों तक अंडे सप्लाई करते हैं. मौजूदा स्थिति यह है कि 18 हजार कैरेट अंडे एक बार में दुकान पर आते हैं और महज दो से तीन दिन में ही पूरा माल बिक जाता है.एक कैरेट में 30 अंडे होते हैं और फिलहाल बाजार में इसकी कीमत लगभग 170 रुपये प्रति कैरेट है. वहीं, यदि कोई ग्राहक सिंगल पीस लेता है तो कीमत 7 रुपये प्रति अंडा पड़ती है.

यदि मौजूदा बिक्री के आंकड़ों की बात करें तो 18 हजार कैरेट यानी 5.40 लाख अंडे एक बार में खप जाते हैं. इससे लगभग 30 लाख रुपए से अधिक का टर्नओवर बनता है. हालांकि इसमें ट्रांसपोर्टेशन, भंडारण और अन्य खर्च भी शामिल रहते हैं, लेकिन फिर भी श्रवण और उनके परिवार के लिए यह कारोबार स्थायी और लाभकारी बन चुका है.

कारोबार में अब उनके बेटे ने भी कदम रख दिया है. बेटा ग्रेजुएट करने के बाद आगे की पढ़ाई छोड़कर पिता के इस व्यापार को बढ़ा रहा है. सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक दुकान पर अंडों की बिक्री होती है. इसके बाद श्रवण कुमार दुकान के बाजू ही ग्राहकों के लिए अंडे से बने फास्ट-फूड जैसे ऑमलेट, अंडा भुर्जी, अंडा पाउच और उबला अंडा बेचते हैं. शाम होते-होते यहां ग्राहकों की भीड़ उमड़ पड़ती है.

कई लोग तो अस्पताल में भर्ती मरीजों के लिए, खासकर ऑपरेशन या डिलीवरी के बाद पौष्टिकता बढ़ाने के उद्देश्य से यहां से अंडे खरीदकर ले जाते हैं. श्रवण कुमार का संघर्षपूर्ण सफर आज कई छोटे कारोबारियों के लिए प्रेरणा है. उन्होंने यह साबित कर दिखाया है कि मेहनत और निरंतरता से कोई भी छोटा व्यवसाय एक दिन बड़ा रूप ले सकता है. अंडे का कारोबार आज उनके लिए न सिर्फ स्थायी आमदनी का जरिया है, बल्कि इलाके में पहचान और सम्मान का कारण भी बन चुका है.

Anuj Singh

Anuj Singh serves as a Content Writer for News18MPCG (Digital), bringing over Two Years of expertise in digital journalism. His writing focuses on hyperlocal issues, Political, crime, Astrology. He has worked a…और पढ़ें

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