25 हजार की मशीन, लाखों का मौका, साकेत कुमार की सफलता की कहानी

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Success Story: बिहार के सहरसा जिले के बीटेक इंजीनियर साकेत कुमार ने यह साबित कर दिया है कि अगर सोच नई हो तो छोटे स्तर पर भी बड़ा बदलाव लाया जा सकता है. जहां ज्यादातर युवा नौकरी की तलाश में दूसरे शहरों की ओर रुख करते हैं, वहीं साकेत ने अपने गांव में रहकर ही एग इनक्यूबेटर मशीन के जरिए देसी नस्ल के चूजे तैयार करने का सफल मॉडल खड़ा किया है. उनकी इस पहल से न सिर्फ स्थानीय पोल्ट्री किसानों को समय पर बेहतर गुणवत्ता के चूजे मिल रहे हैं, बल्कि ट्रांसपोर्टेशन लागत भी कम हुई है, जिससे पूरे क्षेत्र में पोल्ट्री व्यवसाय को नई दिशा मिली है. रिपोर्ट- मो. सरफराज

बिहार के युवा अब पारंपरिक नौकरियों की लीक छोड़कर तकनीक और स्वरोजगार के नए प्रतिमान गढ़ रहे हैं. सहरसा के रहने वाले बीटेक इंजीनियर साकेत कुमार ने अपनी इंजीनियरिंग की पढ़ाई और जुनून का मिसाल पेश किया है. जिसने पूरे जिले के पोल्ट्री फार्मिंग व्यवसाय को नई दिशा दी है.

साकेत ने एक एग इनक्यूबेटर मशीन के जरिए स्थानीय स्तर पर ही उन्नत देसी नस्ल के चूजे तैयार करने का सफल मॉडल खड़ा किया है. बीटेक पूरा करने के बाद साकेत के पास नौकरी के कई विकल्प थे. लेकिन वे हमेशा से कुछ अलग करना चाहते थे.

उन्होंने गौर किया कि कोशी क्षेत्र में पोल्ट्री फार्मिंग का बढ़ा क्रेज तो है, लेकिन किसानों को कड़कनाथ, सोनाली, ग्रामप्रिया और वनराजा जैसी मांग वाली देसी नस्लों के चूजों के लिए दूसरे राज्यों के भरोसे रहना पड़ता था. इसी किल्लत को साकेत ने अवसर में बदला और खुद चूजे तैयार करने की ठानी.

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साकेत ने इस काम को शुरू करने से पहले बाकायदा कृषि महाविद्यालय से तकनीकी प्रशिक्षण लिया. पूरी प्रक्रिया समझने के बाद उन्होंने करीब 25 हजार रुपये में एक इनक्यूबेटर मशीन खरीदी. इस मशीन में तापमान और नमी को वैज्ञानिक तरीके से नियंत्रित किया जाता है. जिससे अंडों से चूजे निकलने की दर काफी बेहतर रहती है.

वर्तमान में साकेत अपनी मशीन के जरिए एक बार में करीब 250 अंडों को प्रोसेस करते हैं. महज 20 से 21 दिनों की इस वैज्ञानिक प्रक्रिया के बाद उच्च गुणवत्ता वाले चूजे तैयार हो जाते हैं. स्थानीय स्तर पर ही इन नस्लों की उपलब्धता होने से अब सहरसा के पोल्ट्री फार्मर्स का ट्रांसपोर्टेशन खर्च बच रहा है. उन्हें समय पर चूजे मिल रहे हैं. साकेत की यह सफलता आज उन हजारों युवाओं के लिए मिसाल है, जो छोटे निवेश और बड़ी सोच के साथ कुछ नया करना चाहते हैं.

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