अंधेरी रात, 239 पैसेंजर्स और हवा में गायब हुआ विमान, 11 साल पुराना वो कांड, जो आज भी है रहस्य

मलेशिया के कुआलालंपुर से उड़ान भरने वाली मलेशिया एयरलाइंस फ्लाइट MH370 दुनिया की सबसे रहस्यमय विमान दुर्घटनाओं में से एक बन चुका है. इस विमान को गायब हुए दस साल से ज्यादा हो गए, लेकिन आज भी दुनिया यह नहीं जानती कि 239 यात्रियों और क्रू के साथ आखिर क्या हुआ. अब एक बार फिर से इसके खोजने की उम्मीद लौट आई है. मलेशिया सरकार ने बुधवार को कहा कि अमेरिकी मरीन रोबोटिक्स कंपनी ओशियन इन्फिनिटी 30 दिसंबर से समुद्र की गहराई में दोबारा खोज शुरू करेगी.

MH370 का क्या है रहस्य?

MH370 एक बोइंग 777 प्लेन था जो 8 मार्च 2014 को सुबह कुआलालंपुर से बीजिंग के लिए निकला था. उड़ान भरने के 39 मिनट बाद ही विमान एयर ट्रैफिक रडार से गायब हो गया. पायलट का आखिरी संदेश था- ‘गुड नाइट, मलेशियन थ्री सेवन जीरो’. इसके बाद विमान वियतनामी एयरस्पेस में संपर्क नहीं कर पाया. कुछ मिनट बाद उसका ट्रांसपोंडर भी बंद हो गया. मिलिट्री रडार ने दिखाया कि विमान ने अपनी दिशा बदल ली और अंदमान सागर के ऊपर मुड़कर दक्षिण की ओर उड़ने लगा. सैटेलाइट डेटा के अनुसार वह कई घंटों तक हवा में रहा और शायद फ्यूल खत्म होने के बाद दक्षिणी हिंद महासागर में गिरा.

क्या प्लेन को पहले भी खोजा गया?

वर्षों तक इसे लेकर अंतरराष्ट्रीय खोज चलती रही, लेकिन अब तक मुख्य मलबा नहीं मिला. साउथ चाइना सी से खोज शुरू हुई, फिर अंदमान सागर और उसके बाद दक्षिणी हिंद महासागर तक बढ़ गई. ऑस्ट्रेलिया, मलेशिया और चीन की टीमों ने 1,20,000 वर्ग किलोमीटर से ज्यादा समुद्री तल को खंगाला. जहाज, विमान, सोनार सिस्टम और रोबोटिक सबमरीन लगातार तलाश में लगे रहे. कई बार जो सिग्नल ब्लैक बॉक्स समझे गए, वे बाद में कुछ और निकले. 2015 में रेयूनियन आइलैंड पर एक फ्लैपरॉन मिला और बाद में कुछ और छोटे टुकड़े अफ्रीका के तट पर मिले, लेकिन इससे रहस्य सुलझ नहीं पाया.

खोजने के लिए दिया गया कॉन्ट्रैक्ट

2018 में ओशियन इन्फिनिटी ने ‘नो फाइंड, नो फी’ मॉडल पर खोज की, लेकिन सफलता नहीं मिली. इस बार मलेशिया सरकार ने कंपनी को फिर कॉन्ट्रैक्ट दिया है. नई सर्च साइट 15,000 वर्ग किलोमीटर में फैली है. ओशियन इन्फिनिटी को 70 मिलियन डॉलर तभी मिलेंगे जब मलबा मिलेगा. खराब मौसम के कारण अप्रैल में खोज रोकनी पड़ी थी, लेकिन अब 30 दिसंबर से ऑपरेशन दोबारा शुरू होगा और कुल 55 दिनों तक चलेगा.

MH370 को लेकर क्या थ्योरी आई?

MH370 के गायब होने को लेकर कई थ्योरी सामने आईं. हाइजैकिंग से लेकर केबिन डीप्रेशराइजेशन और पावर फेलियर तक. सबसे हैरानी की बात यह रही कि कोई डिस्ट्रेस कॉल नहीं आया. न फिरौती मांगी गई, न मौसम खराब था और न कोई तकनीकी खराबी के ठोस सबूत मिले. 2018 की जांच रिपोर्ट में यात्रियों और क्रू को क्लीन चिट मिली, लेकिन ‘अनलॉफुल इंटरफियरेंस’ यानी किसी की जानबूझकर दखलअंदाजी की संभावना को खारिज नहीं किया गया.

MH-370 में कौन-कौन सवार थे?

विमान में 227 यात्री और 12 क्रू थे. सबसे ज्यादा यात्री चीन के थे. दो ईरानी युवक चोरी के पासपोर्ट पर यात्रा कर रहे थे. 20 लोग अमेरिकी कंपनी फ्रीस्केल सेमीकंडक्टर के कर्मचारी थे. कई परिवार पूरे के पूरे इस विमान में सफर कर रहे थे, इसलिए यह हादसा कई घरों को तबाह कर गया.

अब जब नई तकनीक और नए विश्लेषण के साथ ओशियन इन्फिनिटी फिर मैदान में उतर रही है, तो यह उम्मीद बढ़ गई है कि शायद इस बार दस साल पुराना रहस्य सुलझ जाए. हालांकि कंपनी ने यह साफ नहीं किया है कि क्या उन्हें कोई नया सुराग मिला है. लेकिन उनका कहना है कि वे अब तक की सबसे उन्नत समुद्री तकनीक और विशेषज्ञों की मदद लेकर खोज को सबसे संभावित क्षेत्र में केंद्रित कर रहे हैं.

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