1600 करोड़ के रेल प्रोजेक्ट से बदलेगी पन्ना की किस्मत, दिसंबर तक पूरा होगा 74 km का ट्रैक

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Satna-Panna Rail Project: सतना पन्ना रेल प्रोजेक्ट के तहत पन्ना जिले को जोड़ा जा रहा है. 1600 करोड़ की लागत से 74 किलोमीटर लंबी रेल लाइन बिछाने का काम चल रहा है. जिसमें लगभग 45 किलोमीटर के रेलवे ट्रैक का कार्य पूरा हो चुका है. अब आगे…

Satna-Panna Rail Project: बुंदेलखंड के पन्ना जिले की अब किस्मत बदलने जा रही है. यहां पर चल रहा रेलवे प्रोजेक्ट का काम दिसंबर 2026 तक पूरा होने जा रहा है. जिले के लोगों को रेल यातायात की सुविधा मिलेगी. किराया कम लगेगा तो जिले में टाइगर रिजर्व प्रसिद्ध मंदिर जैसी चीज होने से पर्यटन को नए पंख लगेंगे. इसकी वजह से प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से यहां पर हजारों लोगों को फायदा मिलेगा. बता दें कि सतना-पन्ना रेल प्रोजेक्ट के तहत पन्ना जिले को जोड़ा जा रहा है.

रेल अफसरों के मुताबिक, 1600 करोड़ की लागत से 74 किलोमीटर लंबी रेल लाइन बिछाने का काम चल रहा है. इसमें लगभग 45 किलोमीटर के रेलवे ट्रैक का कार्य पूरा हो चुका है. 7 किलोमीटर का रेलवे ट्रैक अप्रैल में बनकर तैयार हो जाएगा. इसके बाद जो 22 किलोमीटर का रेलवे ट्रैक का काम बचेगा. वह दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. इस तरह पन्ना जिले में रेल यातायात से कनेक्टिविटी बनाने के लिए तेजी से काम किया जा रहा है.

रंगोली सजाकर ट्रेन का स्वागत
इतना ही नहीं, पन्ना जिले के लोगों का सालों पुराना सपना या जिस पल का उन्हें बरसों से इंतजार था, वह 24 मार्च को पूरा हुआ है. क्योंकि, जिले में पहली बार ट्रेन की गूंज सुनाई दी. यहां पर फुलवारी से नागौद 12 किमी ट्रैक के ट्रायल रन में 120 किमी/घंटे की रफ्तार से ट्रेन दौड़ी. जब पन्ना के लोगों ने ट्रेन का हॉर्न और उसकी आवाज सुनी तो उनके चेहरे खुशी से दमक उठे और इस खुशी का अंदाजा ऐसी लगा सकते हैं कि ग्रामीणों ने फुलवारी स्टेशन पर रंगोली सजाकर ट्रेन और कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी निरीक्षण टीम का स्वागत किया.

इसलिए बढ़ेगा पर्यटन 
बुंदेलखंड के सबसे पिछड़े जिले में आने वाले पन्ना में रेल सुविधाओं का विस्तार होने से यहां पर्यटन को नए पंख लगेंगे. क्योंकि, कोई भी पर्यटक कम किराए में आसानी से अब ट्रेन से पन्ना तक पहुंच सकेगा. पन्ना में 100 बाघों वाला पुराना टाइगर रिजर्व है. यहां देशभर के पर्यटक सफारी का आनंद लेने के लिए आते हैं. जब रेल से सफर शुरू हो जाएगा तब यह संख्या और भी अधिक बढ़ सकती है. इसी तरह यहां पर प्रसिद्ध जुगल किशोर मंदिर है, जिसे मिनी वृंदावन के नाम से जाना जाता है. यहां पर भी दूर-दूर से श्रद्धालु आते हैं. वहीं, देश का एकमात्र स्वामी प्राणनाथ का मंदिर भी पन्ना जिले में है. स्वामी प्राणनाथ के अनुयायी विदेश तक में हैं, जो यहां पर उनके दर्शन के लिए आते रहते हैं. ऐसे श्रद्धालुओं को भी सीधा फायदा मिलेगा.

हीरे के कारोबार में आएगी तेजी
पन्ना जिले को हीरो की नगरी भी कहा जाता है. जहां खुदाई में हीरा मिलने के बाद रंक भी राजा बन जाता है. देश भर के लोग यहां सिर्फ यह देखने के लिए पहुंचते हैं कि आखिर मजदूर खदानों से हीरा ढूंढते कैसे हैं. साथ ही देश भर के हीरा व्यापारी भी यहां पर पहुंचते हैं. रेल शुरू होने के बाद हीरा व्यापारियों के लिए यह सफर और भी आसान हो जाएगा.

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Rishi mishra

एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें

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