थाना पिपलानी पुलिस ने 12 साल पुराने अपहरण के मामले का खुलासा करते हुए लापता युवती को बरामद किया है। यह वही लड़की है, जिसके गायब होने के बाद 2015 से ही उस पर 10 हजार रुपए का इनाम घोषित था। पुलिस ने अथक प्रयासों और तकनीकी व मुखबिर तंत्र की मदद से उसे स
.
2013 में घर से अचानक गायब हो गई थी 14 साल की बच्ची 24 नवंबर 2013 को आनंद नगर स्थित बाल बिहार कॉलोनी निवासी एक व्यक्ति ने अपनी 14 वर्षीय बेटी के घर से लापता होने की रिपोर्ट थाना पिपलानी में दर्ज कराई थी। मामले में पुलिस ने गुम इंसान क्रमांक 158/13 दर्ज किया था, जिसकी जांच में यह बात सामने आई कि बच्ची का अपहरण किया गया है। इस पर थाना पिपलानी में अपराध क्रमांक 907/2013 धारा 363, 366 भादंवि के तहत मामला दर्ज किया गया।
12 साल से लगातार जारी रही तलाश बीते 12 वर्षों में पुलिस ने कई बार विशेष टीम बनाकर देश के अलग-अलग शहरों में उसकी तलाश की। पोस्टर, पंपलेट और अखबारों के जरिए भी सूचना मांगी गई, लेकिन कोई ठोस सुराग नहीं मिला। हालांकि, ऑपरेशन मुस्कान-02 के तहत भोपाल पुलिस मुख्यालय से मिले निर्देशों के बाद इस मामले को फिर से गंभीरता से लिया गया।
सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) गोविंदपुरा सुश्री अदिति बी. सक्सेना के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक चंद्रिका यादव ने उपनिरीक्षक संतोष रघुवंशी (चौकी प्रभारी आनंद नगर) के नेतृत्व में टीम गठित की। टीम ने परिवारजनों के कॉल डिटेल्स, पुराने संपर्कों और मुखबिरों की मदद से जांच शुरू की। रायसेन में कुछ संदिग्धों से पूछताछ के बाद पुलिस को अहम सुराग मिला, जिसके आधार पर युवती को उसके रिश्तेदारों की मदद से दस्तयाब किया गया।
चेन्नई में रहकर कर रही थी काम पुलिस पूछताछ में सामने आया कि किशोरी अपहरण के बाद चेन्नई चली गई थी और वहां काम कर अपनी आजीविका चला रही थी। वह करीब 13 वर्षों से परिवार से दूर रह रही थी।