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नई दिल्ली5 मिनट पहले
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पीएम नरेंद्र मोदी ने 2022 में 16 जनवरी को राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की थी।
साल 2025 में देश में 50 हजार से ज्यादा नए स्टार्टअप शुरू हुए हैं। यानी औसतन हर रोज 136 नए स्टार्टअप खुले हैं। इसके बाद अब देश में रजिस्टर्ड स्टार्टअप की संख्या 2.09 लाख हो गई है। पिछले स्टार्टअप दिवस (जनवरी, 2025) के मौके पर देश में स्टार्टअप की संख्या 1.59 लाख थी। बीते एक दशक में यह सबसे तेज सालाना बढ़ोतरी है।
उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) की रिपोर्ट के मुताबिक 52.6 फीसदी स्टार्टअप मेट्रो शहर नहीं, टियर-2 व टियर-3 शहरों से हैं। 50 फीसदी स्टार्टअप में कम से कम एक महिला निदेशक है, जो बेबी प्रॉडक्ट से लेकर भारी उद्योग मशीनें बनाने के संगठनों से जुड़ी हैं।
बीते एक दशक में स्टार्टअप ने देशभर में करीब 21 लाख नौकरियां पैदा कीं। यानी एक स्टार्टअप ने औसतन 10 लोगों को सीधे काम दिया। बीते साल केवल 7 स्टार्टअप यूनिकॉर्न (एक अरब डॉलर या अधिक मूल्य वाली कंपनी) बने।
वहीं, ऑनलाइन गेमिंग कानून लागू होने से 4 यूनिकॉर्न (ड्रीम11, एमपीएल, गैम्सक्राफ्ट, गैम्स24इनटू7) का दर्जा छिन गया। DPIIT के संयुक्त सचिव संजीव के मुताबिक, देश में बीते 10 सालों के दौरान 6,385 स्टार्टअप बंद हुए हैं। यह कुल स्टार्टअप का महज 3 फीसदी है। यह दर दुनिया भर में सबसे कम है।
महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा स्टार्टअप खुले, मप्र में सबसे कम 180 बंद
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राज्य |
कुल स्टार्टअप | बंद हुए |
| महाराष्ट्र | 34,444 | 1200 |
| कर्नाटक | 20,330 | 845 |
| दिल्ली | 19,273 | 737 |
| उत्तर प्रदेश | 19,273 | 598 |
| गुजरात | 16,805 | 348 |
| तमिलनाडु | 13,105 | 228 |
| तेलंगाना | 10,804 | 368 |
| हरियाणा | 10,295 | 306 |
| केरल | 7,768 | 241 |
| राजस्थान | 7,103 | 211 |
| मध्य प्रदेश | 6,493 | 180 |
स्टार्टअप इंडिया से एंटरप्रेन्योरियल भारत की ओर बढ़ रहा
- लाइफ स्किल: जीडीपी में 15% योगदान संभव- भारत ‘स्टार्टअप इंडिया’ से ‘एंटरप्रेन्योरियल भारत’ की ओर बढ़ रहा है। द इंडस एंटरप्रेन्योर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, एंटरप्रेन्योरशिप को जरूरी लाइफ स्किल के रूप में पढ़ाया जाना चाहिए। 2035 तक 75% सेकंडरी स्कूलों और 80% हायर एजुकेशन संस्थानों में इसे शामिल करना आवश्यक है। ऐसा हो तो स्टार्टअप जीडीपी में 15% का योगदान दे सकते हैं और 5 करोड़ नए जॉब पैदा हो सकते हैं।
- इकोसिस्टम: आईपीओ लाने में कम समय- ओरियोस वेंचर पार्टनर्स की रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने वाले 20 स्टार्टअप्स ने ऐसा 13.3 वर्षों में कर दिखाया। 2024 में औसत 13.4 वर्ष लगे। हालांकि 2023 में मामाअर्थ और यात्रा ने 12.5 वर्षों में ही शेयर बाजार में जगह बनाई। 2022 और 2021 में इस मुकाम तक पहुंचने में 16 साल लगे थे। यानी भारतीय स्टार्टअप कम समय में आईपीओ के लिए तैयार हो रहे हैं।
- फंडिंग: भारत से सिर्फ अमेरिका-ब्रिटेन आगे- ट्रैक्सन की रिपोर्ट के अनुसार, स्टार्टअप्स ने 2025 में 94,500 करोड़ रुपए जुटाए। अमेरिका-ब्रिटेन के बाद भारत तीसरा बड़ा फंडेड स्टार्टअप इकोसिस्टम बना रहा।
- एक दशक पूरा होने पर आज कार्यक्रम- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को स्टार्टअप इंडिया पहल का एक दशक पूरा होने के कार्यक्रम में भाग लेंगे। स्टार्टअप इंडिया की शुरुआत 16 जनवरी 2016 को हुई थी।
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