12th फेल, पिता ने बोला ऐसा- JEE…IIT पास, फिर मेहनत और टूटन के बाद बने IPS

Siwan. IPS mohibullah ansari Story. बिहार में हाल ही में हुए प्रशासनिक तबादलों में IPS मोहिबुल्लाह अंसारी को एक अहम जिम्मेदारी मिली है. फिलहाल पटना में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (विधि-व्यवस्था) के रूप में कार्यरत मोहिबुल्लाह अंसारी को मुजफ्फरपुर का नया नगर पुलिस अधीक्षक (CITY SP) बनाया गया है. सीवान जिले से आने वाले मोहिबुल्लाह अंसारी की शुरुआती शैक्षणिक यात्रा किसी आदर्श कहानी जैसी नहीं थी. शरारती स्वभाव के चलते दोस्त उन्हें मजाक में ‘मुसीबतुल्लाह’ कहकर बुलाते थे.

इसका असर उनकी पढ़ाई पर भी पड़ा. वह 10वीं और 12वीं की प्री-बोर्ड परीक्षाओं में फेल हो गए. यह समय उनके जीवन का सबसे कठिन दौर था. परिवार और समाज के ताने, भीतर की ग्लानि और असफलता का बोझ- सबने मिलकर उन्हें अंदर से झकझोर दिया था.

यहां से बदली किस्मत
इसी अंधेरे दौर में उन्होंने खुद से एक वादा किया कि अब खुद हालात बदलने होंगे. उन्होंने ने पूरी लगन से पढ़ाई शुरू की. मेहनत रंग लाई और उन्होंने 12वीं की परीक्षा अच्छे अंकों से पास की. यहीं से उन्होंने देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में गिनी जाने वाली IIT-JEE की तैयारी शुरू की.

कड़ी मेहनत और अनुशासन के दम पर उन्होंने JEE Main और JEE Advanced दोनों परीक्षाएं पास कीं और IIT दिल्ली में केमिकल इंजीनियरिंग में दाखिला मिली. इसके बावजूद उन्होंने 2015 में बीटेक पूरा किया और एक अच्छी नौकरी भी हासिल की. लेकिन महज 12 दिन में ही उन्हें समझ आ गया कि यह रास्ता उनके लिए नहीं है.

उन्हें महसूस हुआ कि वे केवल कॉरपोरेट दुनिया तक सीमित रहने के लिए नहीं बने हैं. समाज के लिए कुछ करने की बेचैनी उन्हें UPSC सिविल सेवा परीक्षा की ओर खींच लाई.

UPSC: मेहनत, उम्मीद और टूटन
नौकरी छोड़कर वह दिल्ली आए और यूपीएससी की तैयारी में लग गए. उन्होंने पहले ही प्रयास में प्रीलिम्स और मेन्स पास कर लिया, लेकिन इंटरव्यू में घबराहट आड़े आ गई. इसके बाद उन्होंने दो और प्रयास किए. तीनों बार इंटरव्यू तक पहुंचे, लेकिन हर बार अंतिम सूची से बाहर रह गए. लगातार फेल होने से उन्हें मानसिक रूप से तोड़ दिया और वे डिप्रेशन में चले गए.

पिता का भरोसा बना संबल
जब वह पूरी तरह टूट चुके थे, तब उनके पिता ने उन्हें गले लगाकर सिर्फ एक बात कही- “हार मान लेना समाधान नहीं है. तुम कुछ बड़ा करने के लिए बने हो.”

पिता के इस भरोसे ने उन्हें दोबारा खड़ा कर दिया. उन्होंने खुद को संभाला, आत्मविश्वास लौटाया और पूरी ताकत के साथ एक बार फिर तैयारी में जुट गए.

सफलता और नई जिम्मेदारी
आखिरकार उनकी मेहनत सफल हुई और उनका चयन भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में हो गया. आज वे बिहार में एक जिम्मेदार और संवेदनशील पुलिस अधिकारी के रूप में काम कर रहे हैं और अब मुजफ्फरपुर के सिटी एसपी के तौर पर कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं.

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