Last Updated:
चिली के अटाकामा रेगिस्तान में 10 बिलियन डॉलर का आईएनएनए प्रोजेक्ट रद्द होने से खगोल विज्ञान की बड़ी जीत हुई है. वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी थी कि इस मेगा-प्रोजेक्ट से होने वाला प्रकाश प्रदूषण दुनिया के सबसे साफ आसमान को धुंधला कर देगा. नोबेल विजेताओं और अंतरराष्ट्रीय वेधशालाओं के कड़े विरोध के बाद कंपनी ने हाथ खींच लिए हैं. इससे पैरानल ऑब्जर्वेटरी के शक्तिशाली टेलीस्कोप अब बिना किसी बाधा के ब्रह्मांड के रहस्यों को टटोल सकेंगे.
वैज्ञानिकों ने राहत की सांस ली. (AI Image)
नई दिल्ली. खगोल विज्ञान की दुनिया से एक बड़ी खबर सामने आ रही है. ब्रह्मांड के रहस्यों को टटोलने वाली इंसानी आंख यानी टेलीस्कोप्स पर मंडरा रहा 10 बिलियन डॉलर का खतरा टल गया है. चिली के अटाकामा रेगिस्तान में प्रस्तावित एक विशाल मेगा-प्रोजेक्ट को खगोल वैज्ञानिकों के कड़े विरोध के बाद रद्द कर दिया गया है. दुनिया के सबसे साफ और शुष्क आसमान के रूप में मशहूर अटाकामा की पहाड़ियों पर अगर यह प्रोजेक्ट शुरू होता तो सितारों की रोशनी कृत्रिम चकाचौंध में खो जाती. वैज्ञानिकों ने इसे अंधेरे की जीत और विज्ञान की रक्षा करार दिया है.
यह मामला केवल एक फैक्ट्री का नहीं था बल्कि पृथ्वी से अंतरिक्ष को देखने वाली हमारी सबसे शक्तिशाली खिड़कियों को बचाने की जंग थी. पैरानल वेधशाला के करीब इस मेगा-प्लांट के आने से लाइट पॉल्यूशन (प्रकाश प्रदूषण) का ऐसा खतरा पैदा हो गया था जिससे दुनिया के सबसे महंगे टेलीस्कोप्स बेकार हो सकते थे. नोबेल पुरस्कार विजेताओं से लेकर अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष संस्थाओं तक ने इसके खिलाफ मोर्चा खोल दिया था.
अटाकामा प्रोजेक्ट रद्द: सितारों की जंग और जीत पर 5 सवाल
आखिर वह कौन सा प्रोजेक्ट था जिससे दुनिया का सबसे साफ आसमान खतरे में था?
यह ‘आईएनएनए’ (INNA) नामक एक विशाल ग्रीन हाइड्रोजन और अमोनिया उत्पादन केंद्र था. 10 बिलियन डॉलर के इस मेगा-प्रोजेक्ट में तीन सोलर पावर प्लांट, एक पोर्ट और ट्रांसपोर्ट लिंक शामिल थे. यह करीब 3,000 हेक्टेयर में फैला होना था.
खगोल वैज्ञानिकों को इस प्रोजेक्ट से सबसे ज्यादा डर किस बात का था?
सबसे बड़ा खतरा ‘लाइट पॉल्यूशन’ का था. रात के समय इस प्लांट से निकलने वाली कृत्रिम रोशनी सितारों और आकाशगंगाओं से आने वाली मंद रोशनी को बाधित करती. इससे पैरानल वेधशाला के टेलीस्कोप्स की सटीकता को अपूरणीय नुकसान पहुंचता.
इस प्रोजेक्ट को रद्द कराने में किन बड़े नामों ने भूमिका निभाई?
साल 2020 के नोबेल पुरस्कार विजेता रेनहार्ड जेनजेल ने चिली सरकार को खुला पत्र लिखकर इसे रोकने की अपील की थी. साथ ही यूरोपियन सदर्न ऑब्जर्वेटरी (ESO) ने बार-बार चेतावनी दी थी कि यह प्रोजेक्ट ग्राउंड-आधारित एस्ट्रोनॉमी को खत्म कर देगा.
प्रोजेक्ट बनाने वाली कंपनी ‘एईएस एंडेस’ का अब क्या कहना है?
अमेरिकी कंपनी एईएस कॉरपोरेशन की सहायक इकाई एईएस एंडेस ने आधिकारिक तौर पर प्रोजेक्ट वापस ले लिया है. कंपनी ने अपने बयान में कहा है कि प्रोजेक्ट्स के विस्तृत विश्लेषण के बाद उन्होंने इसे फिलहाल रोकने का फैसला किया है.
क्या इस जीत के साथ चिली का आसमान अब हमेशा के लिए सुरक्षित है?
ईएसओ के प्रतिनिधियों का मानना है कि यह एक बड़ी जीत है, लेकिन काम अभी खत्म नहीं हुआ है. वैज्ञानिकों का कहना है कि चिली को अब उन इलाकों के लिए सख्त सुरक्षा कानून बनाने की जरूरत है जहां प्रोफेशनल एस्ट्रोनॉमी की जाती है, ताकि भविष्य में ऐसे खतरे फिर न आएं.
About the Author
पत्रकारिता में 14 साल से भी लंबे वक्त से सक्रिय हूं. साल 2010 में दैनिक भास्कर अखबार से करियर की शुरुआत करने के बाद नई दुनिया, दैनिक जागरण और पंजाब केसरी में एक रिपोर्टर के तौर पर काम किया. इस दौरान क्राइम और…और पढ़ें
.