सीहोर जिले के भैरुंदा में 10 वर्षीय नाबालिग के साथ दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने खुलासा करते हुए पीड़िता के नाबालिग मामा को हिरासत में लिया है। घटना 4 फरवरी की है, जब आरोपी ने बच्ची को डरा-धमकाकर उसके साथ गलत काम किया था। पहले पीड़िता ने दो अज्ञात बाइक सवारों पर अपहरण और सामूहिक दुष्कर्म का आरोप लगाया था, लेकिन पुलिस जांच में यह कहानी झूठी निकली। पुलिस ने बाल अपचारी (मामा) को हिरासत में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, पीड़िता ने पहले बताया था कि 4 फरवरी की सुबह करीब 6 बजे वह लकड़ी लेने रेत स्टॉक के पास गई थी। तभी दो बाइक सवार लड़के आए और उसका मुंह बंद करके खेत में ले गए और सामूहिक दुष्कर्म किया। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ अपहरण और गैंगरेप का केस दर्ज किया था। पूछताछ में खुली पोल पुलिस जांच के दौरान पीड़िता और परिजनों से लगातार पूछताछ की गई। मौका मुआयना और बयानों में अंतर मिलने पर महिला पुलिस अधिकारी ने डरी-सहमी बच्ची से विश्वास में लेकर पूछताछ की। तब पीड़िता ने बताया कि बुधवार को उसका परिवार और साथ रहने वाले मामा अपने-अपने घर जाने वाले थे। इसी दौरान मामा ने उसे मिलने के लिए बुलाया और डरा-धमकाकर दुष्कर्म किया। रात ज्यादा होने पर रची अपहरण की कहानी रात ज्यादा होने पर जब परिजन बच्ची को ढूंढने लगे, तो आरोपी मामा ने उसे घर वालों को दो अज्ञात व्यक्तियों द्वारा अपहरण की झूठी कहानी सुनाने को कहा। पुलिस द्वारा हिरासत में लेने पर बाल अपचारी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने यह भी स्वीकारा कि वह पहले भी पीड़िता के साथ दुष्कर्म कर चुका है। पुलिस ने मामले से सामूहिक बलात्कार की धारा हटाकर अन्य धाराओं में कार्रवाई की है। .