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Childhood Obesity Crisis: यूनिसेफ की रिपोर्ट के अनुसार दुनियाभर में 5 से 19 साल के बच्चों में मोटापा अब अंडरवेट से बड़ा संकट बन चुका है. जंक फूड और प्रोसेस्ड फूड की वजह से 10 में से 1 बच्चा मोटापे का शिकार हो ग…और पढ़ें
यूनिसेफ की रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया के करीब 10% बच्चे मोटापे का शिकार हो गए हैं.अक्सर माना जाता था कि हाई इनकम वाले देशों में बच्चे ज्यादा हेल्दी होते हैं, लेकिन यूनिसेफ की नई रिपोर्ट बताती है कि उच्च आय वाले देशों में भी बच्चों में मोटापे की दर कम नहीं है. चिली में 27%, अमेरिका और UAE में लगभग 21% स्कूल जाने वाले बच्चे मोटापे की श्रेणी में आते हैं. यह बताता है कि समस्या सिर्फ विकासशील देशों तक सीमित नहीं, बल्कि वैश्विक रूप से मौजूद है. रिपोर्ट में यह स्पष्ट किया गया है कि अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड्स के कारण बच्चों में मोटापा तेजी से बढ़ रहा है. इन फूड्स में बड़ी मात्रा में शुगर, नमक, फैट और एडिटिव्स होते हैं, जिनका बच्चे खूब सेवन कर रहे हैं. आजकल ये फूड्स बच्चों की डाइट का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुके हैं. ये फूड्स ही बच्चों में मोटापा बढ़ा रहे हैं.
एक सर्वे के अनुसार 13 24 वर्ष के युवाओं में से 75% ने पिछले सप्ताह जंक फूड के विज्ञापन देखे और 60% ने बताया कि यह विज्ञापन उनके खाने की इच्छा को बढ़ा देते हैं. यहां तक कि युद्धग्रस्त क्षेत्रों में भी 68% युवा इस तरह के विज्ञापनों के संपर्क में आए. कुल मिलाकर जंक फूड्स के विज्ञापन भी इस समस्या को बढ़ा रहे हैं. यूनिसेफ की रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि बच्चों में मोटापे की समस्या से बचने के लिए तत्काल कदम नहीं उठाए गए, तो देशों को स्वास्थ्य और आर्थिक रूप से भारी नुकसान झेलना पड़ सकता है. 2035 तक मोटापे की वजह से होने वाले वैश्विक आर्थिक नुकसान का अनुमान 4 ट्रिलियन डॉलर प्रति वर्ष तक पहुंच सकता है. कुछ देशों ने सकारात्मक बदलाव की दिशा में कदम उठाया है. उदाहरण के तौर पर मैक्सिको ने स्कूलों में अल्ट्रा प्रोसेस्ड, हाई शुगर, हाई साल्ट और हाई फैट वाले फूड्स की बिक्री पर रोक लगा दी है, जिससे 34 मिलियन से अधिक बच्चों के पोषण परिवेश में सुधार हुआ है.
अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम में सीनियर सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं. उन्हें प्रिंट और डिजिटल मीडिया में करीब 8 साल का अनुभव है. वे हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े टॉपिक पर स्टोरीज लिखते हैं. …और पढ़ें
अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम में सीनियर सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं. उन्हें प्रिंट और डिजिटल मीडिया में करीब 8 साल का अनुभव है. वे हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े टॉपिक पर स्टोरीज लिखते हैं. … और पढ़ें